असुरक्षित पटाखे बने परेशानी की वजह उपयोग से कई हुए जख्मी
‘कार्बाइड गन’ बन गई जानलेवा खिलौना

असुरक्षित पटाखे बने परेशानी की वजह उपयोग से कई हुए जख्मी
जबलपुर, यश भारत। इस बार दीपावली का उत्सव जबलपुर में कई परिवारों के लिए कड़वी यादों में बदल गया। परंपरागत पटाखों की जगह तेज और असुरक्षित विस्फोटकों के प्रयोग से आंख और हाथ की गंभीर चोटों के मामले बड़ी संख्या में सामने आए हैं।
नेत्र और शल्य चिकित्सा केंद्रों में दो दिन तक लगातार घायल लोग पहुंचते रहे, जिनमें से कई को तत्काल सर्जरी की आवश्यकता पड़ी। विशेषज्ञों से मिल रही जानकारी के अनुसार
खराब गुणवत्ता वाले पटाखों ने बढ़ाई चोटें

इस वर्ष बाजार में आए कई पटाखे ऐसे थे जो जलाते ही तुरन्त फट रहे थे, जिससे उपयोगकर्ता को दूर हटने का मौका तक नहीं मिला।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन पटाखों में उपयोग किए गए रसायनों की गुणवत्ता संदिग्ध रही, जिससे विस्फोट समय बहुत कम हो गया।
ऐसे पटाखों के कारण कई लोगों की आंखें और हाथ झुलसे या घायल हुए।
‘कार्बाइड गन’ बन गई जानलेवा खिलौना
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ट्रेंड के चलते जबलपुर सहित मध्यप्रदेश के कई शहरों में पीवीसी पाइप से बनी कार्बाइड गन का चलन देखने को मिला।
* इसमें कैल्शियम कार्बाइड डालकर पानी मिलाया जाता है, जिससे गैस बनती है और जलाने पर धमाका होता है।
.jpeg)
* जब यह गन नहीं चलती, तो बच्चे उसे हिलाते या उसमें झांकते हैं — और तभी होता है विस्फोट।
विशेषज्ञों ने बताया कि कार्बाइड के कण आंखों में जाने से कुछ लोगों की रोशनी जाने का खतरा तक बन गया है।
यह केमिकल आम लोगों को इतनी आसानी से कैसे मिल रहा है — यह प्रशासन के लिए चिंता और जांच का विषय है।






