संयुक्त प्रयास से बची दो जिंदगियाँ हाई रिस्क गर्भवती और नवजात को मिला नया जीवन, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की बड़ी सफलता

जबलपुर। ब्लॉक कुण्डम के ग्राम झुंझ की रहने वाली कौशल्या मरकाम, जो गंभीर एनीमिया की शिकार थी, उसकी और उसके नवजात शिशु की जान बचाने में प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस बल की सामूहिक भूमिका सराहनीय रही। लगातार इनकार और गांव बदलने के बावजूद टीम की संजीदगी रंग लाई।
👉 पहली जांच में ही हाई रिस्क
20 जून को ग्राम पोषण दिवस के दौरान सीएचओ शुभांगी वर्मा और एएनएम किरण बघेल ने कौशल्या का हीमोग्लोबिन 7.9 ग्राम पाया और सीएचसी कुण्डम रेफर किया। वहाँ 4 ग्राम हीमोग्लोबिन मिलने पर एल्गिन रेफर किया गया लेकिन महिला ने मना कर दिया।
👉 इलाज से लगातार इनकार
महिला समझाइश के बावजूद घर लौट गई, फिर ढीमरखेडा (कटनी) और मायके बहनापानी चली गई। बहनापानी की आशा कार्यकर्ता ने स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया। टीम वहाँ भी पहुँची लेकिन महिला ने न परिजनों की सुनी, न अधिकारियों की।
👉 प्रशासन की सक्रियता बनी जीवनरक्षक
25 जुलाई को बीएमओ डॉ राजेश राज ने सीएमएचओ डॉ संजय मिश्रा को अवगत कराया। उनके निर्देश पर डीएचओ डॉ विनीता उप्पल ने एसडीएम मोनिका बाघमारे से संपर्क किया। एक संयुक्त टीम तैयार हुई जिसमें स्वास्थ्य कर्मियों के साथ पुलिस बल भी शामिल था।
👉 पुलिस ने किया हस्तक्षेप, महिला को भेजा गया अस्पताल
महिला फिर भी नहीं मानी तो पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। 108 जननी वाहन से महिला को जबलपुर भेजा गया जहाँ तुरंत खून चढ़ाया गया। अगले दिन महिला को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
👉 सफल प्रसव, सुरक्षित माँ और नवजात
26 जुलाई को महिला ने मेडिकल कॉलेज में 2.4 किग्रा के स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। वर्तमान में दोनों सुरक्षित हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं।
तथ्य
महिला का हीमोग्लोबिन: 4 ग्राम
स्थान: ग्राम झुंझ, ब्लॉक कुण्डम
दिनांक: 20–26 जुलाई 2025
शिशु का वजन: 2.4 किग्रा
रेफरल केंद्र: सीएचसी कुण्डम → एल्गिन → मेडिकल कॉलेज जबलपुर
मुख्य अधिकारी: डॉ. संजय मिश्रा (CMHO), डॉ. विनीता उप्पल (DHO), डॉ. राजेश राज (BMO)
प्रशासनिक सहयोग: एसडीएम मोनिका बाघमारे, स्थानीय पुलिस बल







