भोपालमध्य प्रदेश

चालानी कार्रवाई में व्यस्त यातायात अमला, वाहन चालक तोड़ रे नियम

चालानी कार्रवाई में व्यस्त यातायात अमला, वाहन चालक तोड़ रे नियम
– एक माह पहले शुरू हुआ भोपाल में हेलमेट अभियान ढीला
यशभारत भोपाल। लोगों को सडक़ दुर्घटनाओं से बचाने के लिए शुरू किया गया हेलमेट अभियान ढीला हो गया है। एक ओर यातायात अमला चालानी कार्रवाई में व्यस्त है तो वहीं दूसरी ओर वाहन चालक लगातार नियमों को तोड़ रहे हैं। नियमों के पालन को लेकर पुलिस की चेतावनी और अभियान के बावजूद शहर की सडक़ों पर बिना हेलमेट बाइक और स्कूटर चलाने वाले लोग लगातार बढ़ते जा रहे हैं। यातायात पुलिस द्वारा कई बार ड्राइविंग के दौरान हेलमेट पहनने को अनिवार्य करने के अभियान चलाए जा चुके हैं, लेकिन इस पर अमल कराने में अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है।
पिछले महीने शुरू किए गए हेलमेट अभियान के दौरान हजारों वाहनों की जांच की गई और कुछ चालकों के खिलाफ जुर्माना भी लगाया गया। बावजूद इसके, सडक़ पर हेलमेट न पहनने वालों की संख्या में कोई विशेष कमी नहीं आई है। भोपाल के प्रमुख इलाकों जैसे हबीबगंज, एमपीनगर, लिंक रोड, पुराने भोपाल सहित अन्य मार्गों पर वाहन चालक बिना हेलमेट के ही नजर आ रहे हैं।
अधिकारियों का कहना जागरूकता की कमी
यातायात पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि नियमों के प्रति जागरूकता की कमी और चालकों की लापरवाही इस समस्या का मुख्य कारण है। यातायात ट्रैफिक के अधिकारियों का कहना है कि हम लगातार चेकिंग कर रहे हैं, लेकिन लोग अब भी नियमों की अवहेलना कर रहे हैं। कुछ तो जुर्माना भरकर भी हेलमेट नहीं पहनते। हमें लगता है कि इसके लिए सख्त और लगातार अभियान की आवश्यकता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हेलमेट न पहनने से गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। सडक़ सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. सीमा गुप्ता के अनुसार भोपाल में हेलमेट नियम को सख्ती से लागू करना जरूरी है। जागरूकता के साथ-साथ जुर्माने की राशि बढ़ाने और लगातार चेकिंग की जरूरत है।
स्थानीय लोग भी शिकायत कर रहे हैं कि कई बार पुलिस चेकिंग के दौरान चालकों को तुरंत छोड़ दिया जाता है, जिससे नियमों का प्रभाव कम हो जाता है। युवाओं में ट्रैफिक नियमों के प्रति उदासीनता और प्रशासन की ढील दोनों ही इस समस्या को बढ़ावा दे रहे हैं। यातायात पुलिस का यह अभियान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हेलमेट केवल कानूनी आवश्यकता नहीं बल्कि जीवन रक्षा का साधन भी है। हालांकि अब तक के प्रयासों के बावजूद सडक़ों पर नियम तोडऩे वालों की संख्या अधिक है, जो संकेत देता है कि भोपाल में सडक़ सुरक्षा को लेकर और ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
कार्रवाई की जा रही है
राजधानी भोपाल में लगातार कार्रवाई की जा रही है, वाहन चालकों को समझाइश देने के साथ भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
जितेंद्र सिंह पवार, पुलिस उपायुक्त, यातायात भोपाल

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