भोपाल

छठ पूजा का तीसरा दिन आज, अस्ताचलगामी सूर्य को देंगे अर्घ्य 

भोपाल के घाटों पर उमड़ेगी भीड़ 

छठ पूजा का तीसरा दिन आज, अस्ताचलगामी सूर्य को देंगे अर्घ्य 
– भोपाल के घाटों पर उमड़ेगी भीड़ 
भोपाल यशभारत। सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा का सोमवार को तीसरा दिन है। कार्तिक शुक्ल षष्ठी के शुभ अवसर पर राजधानी के घाटों पर व्रती महिलाएं और श्रद्धालु अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगे। राजधानी के 52 प्रमुख घाटों पर शाम को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी, जहां वे दूध और जल से सूर्य देव की आराधना करेंगे और सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। नगर निगम और जिला प्रशासन ने घाटों पर सुरक्षा, सफाई और लाइटिंग सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर दी हैं। घाटों पर भीड़ और किसी अप्रिय घटना से बचाव के लिए गोताखोर और मेडिकल टीम तैनात किए गए हैं।
छठ व्रती महिलाएं दिनभर घरों में छठ प्रसाद की तैयारियों में व्यस्त रहती हैं। पारंपरिक रूप से ठेकुआ (कई क्षेत्रों में इसे टिकरी भी कहा जाता है), चावल के लड्डू, सांचा और मौसमी फल प्रसाद में शामिल किए जाते हैं। प्रसाद को शुद्ध वातावरण और परंपरा के अनुसार बनाया जाता है।
शाम को पूजा के लिए बांस की टोकरी और दउरा-सूप में फल, ठेकुआ और दीप सजाए जाते हैं। तैयार सूप को घाट पर लेकर व्रती महिलाएं जल में खड़ी होकर सूर्य देव को दूध और जल से अर्घ्य देती हैं। इसी अवसर पर छठी मैया की आराधना भी की जाती है। इस दौरान स्थानीय लोग और श्रद्धालु लोकगीत और भजन गाते हुए माहौल को भक्तिपूर्ण बनाते हैं।
भक्तजन और व्रती इस दिन घाटों पर एक-दूसरे से मिलते हैं और पूजा की सामग्री साझा करते हैं। शाम के समय घाटों पर दीप जलाए जाते हैं और श्रद्धालु सूर्य की पूजा में मग्न रहते हैं। इसके बाद रात्रि तक छठी माता के भजन और गीत गाए जाते हैं। चौथे दिन उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करके व्रती व्रत का समापन करेंगे। इस दिन पारंपरिक रूप से प्रसाद वितरण भी किया जाएगा और चार दिवसीय यह महापर्व पूर्ण होगा। भोपाल में छठ पूजा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह शहर में सामूहिक उत्सव और सामाजिक मेलजोल का भी अवसर है। घाटों पर श्रद्धालुओं की सघन उपस्थिति इस पर्व की महत्ता और जनमानस में इसकी गहरी छवि को दर्शाती है।

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