टीआई की बर्बरता: थाने में बदमाशों के तलुओं पर बेल्ट मारे; वीडियो वायरल होने से हड़कंप

टीआई की बर्बरता: थाने में बदमाशों के तलुओं पर बेल्ट मारे; वीडियो वायरल होने से हड़कंप
विकलांग आरोपी को भी नहीं बख्शा; टीआई बोले- ‘समझाने के लिए सख्ती की’
भोपाल, यशभारत। नर्मदापुरम क्षेत्र के माखन नगर थाना प्रभारी (टीआई) मदन पवार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोमवार को सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे दो बदमाशों की तलुओं और हथेलियों पर बेल्ट से निर्ममतापूर्वक पिटाई करते नजर आ रहे हैं। यह घटनाक्रम 25 अक्टूबर का बताया जा रहा है, जिसे थाने के भीतर किसी पुलिसकर्मी ने छिपकर रिकॉर्ड किया था।
न्यायिक प्रक्रिया को दरकिनार कर की पिटाई
वीडियो में टीआई मदन पवार एक आरोपी को जमीन पर बैठाकर उसके पैर पर जूता रखते हैं और फिर तलुओं पर बेल्ट से लगातार प्रहार करते दिख रहे हैं। एक अन्य वीडियो में, आरोपी के बाल पकड़कर उसे बेल्ट और मुक्कों से पीटा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, पिटाई झेल रहा एक आरोपी समीर खान उर्फ पिद्दा विकलांग है। पुलिस द्वारा न्यायिक प्रक्रिया को दरकिनार कर इस तरह शारीरिक दंड देना मानवाधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन माना जा रहा है।
कैमरे पर मंगवाई माफी, निष्पक्षता पर सवाल
पिटाई के बाद एक तीसरा वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों आरोपियों को कैमरे पर दूसरे पक्ष के युवकों से माफी मांगते हुए सुना जा सकता है। उन्हें यह कहते सुना गया, “जीतू भैया, गोलू भैया, आज के बाद आपसे कोई बात नहीं करूंगा।
जानकारी के अनुसार, यह वीडियो थाना प्रभारी ने दूसरे पक्ष के युवकों के सामने बनवाया था, जिससे उनकी कार्यप्रणाली और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
टीआई का दावा: अपराधी हैं, इसलिए की सख्ती
वीडियो सामने आने के बाद थाना प्रभारी मदन पवार ने अपने बचाव में कहा कि दोनों बदमाश समीर खान उर्फ पिद्दा और विष्णु कहार क्षेत्र के शातिर अपराधी हैं। उन्होंने हाल ही में राजोन गांव के सरपंच को हत्या की धमकी दी थी और एक अन्य व्यक्ति के घर पर हमला करने की कोशिश की थी। टीआई ने कहा कि “समाज में गालियां देने और उपद्रव करने के कारण उन्हें समझाने के लिए सख्ती बरती गई थी।”
जांच की मांग, आला अधिकारी मौन
यह वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक पुलिस विभाग ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। गैरकानूनी तरीके से बल प्रयोग और मानवाधिकारों के उल्लंघन के इस गंभीर मामले में टीआई मदन पवार के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच और तत्काल कार्रवाई की मांग उठ रही है।







