कांग्रेस जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर एक बार फिर होगा दिल्ली में मंथन

जबलपुर यश भारत। कांग्रेस के जिला एवं नगर अध्यक्ष को लेकर पूर्व में कांग्रेस के महासचिव के सी वेणूगोपाल की उपस्थिति में केंद्रीय पर्यवेक्षकों की एक मीटिंग हो चुकी है। जिसमें पार्टी पर्वेयेक्षको के द्वारा दी गई रिपोर्ट और पैनल पर मंथन का लंबा दौर पूरा हो चुका है। लेकिन अब जैसी की जानकारी निकल कर सामने आ रही है उसके मुताबिक मंथन का एक और दौर 22 और 23 जुलाई को होगा जिसमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार मौजूद रहेंगे। संभवतः प्रदेश अध्यक्ष पटवारी 22 जुलाई को और नीति प्रतिपक्ष सिंघार 23 जुलाई को दिल्ली में मौजूद रहकर इस मंथन में शामिल होंगे। इन दोनों नेताओं को दिल्ली बुलाया गया है। गौरतलब है कि पूर्व में हुई मंथन की प्रक्रिया में पर्यवेक्षकों के अलावा सिर्फ प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी भर मौजूद रहे हैं। मंथन के दौर के बाद ही अगस्त में नए पदाधिकारियों की सूची जारी होने की उम्मीद है और सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि अगस्त के पहले सप्ताह में ही यह सूची जारी कर दी जाएगी। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी की पहल पर कांग्रेस संगठन सृजन अभियान चलाया गया था जिसमें केंद्रीय और प्रदेश के पर्यवेक्षकों ने कांग्रेस नेताओं से लेकर आम कार्यकर्ताओं तक से वन टू वन टू वन चर्चा कर रिपोर्ट और पैनल तैयार किए हैं जो ऊपर भेज दीजिए गए हैं और इनमें मंथन का एक दौर पूरा भी हो चुका है। कांग्रेस के द्वारा गुजरात की तरह इस मॉडल को अपनाया गया है। अब देखना यह है कि राहुल गांधी का यह प्रयोग मध्य प्रदेश में कितना सफल होता है।
चुनाव नतीजे के लिए करना पड़ेगा इंतजार
इधर दूसरी तरफ हाल ही में संपन्न हुई युवक कांग्रेस की ऑनलाइन चुनाव प्रक्रिया के बाद अब नतीजे के लिए 2 महीने का इंतजार करना पड़ सकता है। पहले उम्मीद की जा रही थी कि वोटिंग के बाद जल्द नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे लेकिन ऐसा संभव नहीं लगता। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वोटिंग प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अब स्कूटनिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई है और इस कवायतद पूरी होने में करीब 2 महीने का समय लग सकता है। उसके बाद ही नतीजा घोषित होने की उम्मीद है।
पार्टी के खाते में आए 5 करोड़ से ज्यादा
युवक कांग्रेस चुनाव के जरिए कांग्रेस ने सदस्यता शुल्क के जरिए करीब 5 करोड़ से ज्यादा की राशि जमा कर ली है। पूरी चुनाव प्रक्रिया के दौरान 15 लाख 37हजार सदस्य पूरे प्रदेश में बनाए गए हैं। इनमें से 10 लाख 89हजार सदस्यों के द्वारा शुल्क भी जमा कर दिया गया है। करीब 4 लाख से ज्यादा सदस्य ऐसे है जिनकी द्वारा शुल्क की राशि जमा नहीं की गई है और उन्हें शुल्क जमा करने के लिए 22 तारीख तक का समय दिया गया है यदि इस अवधि में उनके द्वारा शुल्क जमा किया जाता है तो इनका वोट काउंट होगा अन्यथा बोट को निरस्त माना जाएगा।







