चर्चित कॉलेज का जांच प्रतिवेदन को लेकर सदन में गहमागहमी – संसदीय मंत्री ने पंचायत मंत्री से कहा मुस्कुराकर जवाब दे दीजिए

चर्चित कॉलेज का जांच प्रतिवेदन को लेकर सदन में गहमागहमी
– संसदीय मंत्री ने पंचायत मंत्री से कहा मुस्कुराकर जवाब दे दीजिए
– खाद्य को लेकर सवाल उठाया कटनी भाजपा विधायक ने, कांग्रेस विधायकों ने कहा पूरे में दिक्कत
– खेत खलियान सडक़ को बेहतर करने शासन कटीबद्द
– शून्यकाल में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मिलने लगे विधायक
आशीष शुक्ला, विधानसभा लाइव।
भोपाल। मानसून सत्र के दूसरे हफ्ते के प्रथम दिन सोमवार को प्रश्रकाल में खाद्य, मनरेगा, श्रम विभाग, सहकारिता से लेकर भोपाल के चर्चित महाविद्यालय की चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शून्य काल के शुरू होते ही सदन में पहुंचे। मुख्यमंत्री के पहुंचते ही आज भी उनके पास विधायक पहुंचने लगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने अपने उत्तर काफी गंभीरता से दिए। इस पर संसदीय मंत्री ने कहा भी जरा मुस्कुरा के भी उत्तर दे दीजिए। भोपाल में अमन एजुकेयान सोसायटी द्वारा संचालित चर्चित महाविद्यालय को लेकर सदन में काफी देर आरोप प्रत्यारोप के दौर चलते रहे। जांच प्रतिवेदन सदन में ना रखने से विपक्ष में सदन के नेता उमंग सिंघार ने तीखे सवाल किए।
प्रश्रकाल के दौरान भाजपा विधायक संदीप जायसवाल ने कटनी जिले के खाद्य वितरण प्रणाली को लेकर अपने सवाल में कहा कि यहां के जिला विपणन अधिकारी व्यवस्थित ढंग से कार्य नहीं कर रहे हैं। पहले निजी लोगों को खाद्य दी जाती है, इसके बाद किसानों को दी जा रही है। ऐसे में इस अधिकारी को निलंबित करना चाहिए। उनका सवाल पूरा हुआ ही था कि कांग्रेस के अनेक विधायक पूरे प्रदेश की खाद्य व्यवस्था को लेकर बोलने लगे। उनका कहना था कि पूरे प्रदेश में किसानों को खाद्य को लेकर दिक्कत हो रही है। इस पर कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने पूरे प्रदेश का आंकड़ा प्रस्तुत कर दिया कि कितना खाद दिया गया है और कितना अभी स्टॉक में है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि अभी मामला सिर्फ कटनी जिले का है। इस पर विधायक संदीप जायसवाल ने कहा कि जिला विपणन अधिकारी पर कार्रवाई की जाए। एक अन्य प्रश्र के उत्तर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश में कुल १०२ कारखाने अति खतरनाक श्रेणी में हैं। तीन घटनाएं संज्ञान में आईं हैं, इनमें से एक में कारखाना प्रबंधक ने मजदूर के परिवार को नौकरी में रखा और आजीवन पेंशन का लाभ दिया है। दो कारखानों की शिकायत आई है जिनको नोटिस जारी किए गए हैं। इसी उत्तर के दौरान संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा की कारखाने तो खतरनाक हैं, लेकिन मुस्कुराहट के साथ तो जवाब दिया जा सकता है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने मनरेगा के तहत बनने वाली यह सडक़ को लेकर सदन को बताना चाहता हूं कि ऐसा देखा गया कि एक ही सडक़ के लिए विधायक निधी, मनरेगा और सरकारी मद से पैसा दिया जाता है। ऐसे में यह होना चाहिए कि यदि सडक़ मुरम की बनी है तो वह गिट्टी तक पहुंच जाए, इसकी तैयारी विभाग कर रहा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भोपाल उस कालेज का प्रश्र उठाया कि हमने सदन से जांच प्रतिवेदन मांगा है, लेकिन पटल पर जांच प्रतिवेदन दिया ही नहीं गया है। इस सवाल के जवाब में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि 2005 से यहां की जांच चल रही थी । कई दौरों से निकलने के बाद यह जांच में पाया गया कि जो जमीन है उसकी सालवेंसी ही फर्जी है तो कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी गई। एफआईआर इसलिए नहीं की गई थी कि विभागीय जांच चल रही थी। अब हम इस कॉलेज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की ओर बढ़ रहे हैं। इस दौरान विपक्ष के नेता उमंग सिंघार जो मैं मांग रहा हूं तो मंत्री जी जवाब नहीं दे रहे हैं, मैने सवाल किया है कि मामले का जांच प्रतिवेदन विधानसभा में रखा जाए। इस पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि फर्जी जमीन पर बन रहा होगा वहां क्या शिक्षा दी जाती होगी। जांच प्रतिवदेन नहीं रखा जा रहा है, कहीं गलत जांच हुई हे तो जांच प्रतिवेदन की जांच कर दी जाए। इस पर सदन में ठहाके गूंज गए। बात यहीं आकर नहीं रूकी। नेता प्रतिपक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष से फिर आग्रह किया कि मंत्री जी समय सीमा बता दें कि कब जांच प्रतिवेदन देंगे। इस पर मंत्री ने कहा कि मामला न्यायालयीन हो गया है, एक मामले की जांच आ गई है वह जांच प्रतिवेदन विधानसभा को दे देंगे। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा मामला न्यायालयीन हो गया है तो जांच कैसे की जाएगी। बहरहाल विधानसभा अध्यक्ष ने इस मामले को अपने तरीके से शंात कर दिया। प्रश्रकाल खत्म होते ही मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सदन में पहुंचे। जैसे ही श्री यादव पहुंचे तो विधायक उने मिलने आने लगे। 12 बजे शून्यकाल प्रारंभ हो गया।







