मौसम का बदला मिजाज, बादलों की चादर ने बढ़ाई ठंडक

मौसम का बदला मिजाज, बादलों की चादर ने बढ़ाई ठंडक
– बारिश से फसलों और सेहत पर असर
– मौसम विभाग ने जारी किया बारिश का अलर्ट,
भोपाल यशभारत। मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। मंगलवार को राजधानी समेत कई जिलों में सुबह से ही बादल छाए रहे और दिनभर ठंडक महसूस हुई। सोमवार को जहां पूरे दिन धूप खिली थी, वहीं मंगलवार को बादल, हल्की हवाएं और ठंडे तापमान ने मौसम में अचानक बदलाव ला दिया। मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर में बना डिप्रेशन सिस्टम और उसके साथ जुड़ा ट्रफ प्रदेश के मध्य हिस्से तक सक्रिय हो गया है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी अरब सागर में एक्टिव हो चुका है, जो मध्यप्रदेश की ओर बढ़ रहा है। इसी कारण अगले चार दिनों तक प्रदेश के मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। छह जिलों में भारी बारिश के आसार बने हुए हैं।
कई जिलों में बारिश, ठंड का असर बढ़ा
पिछले 24 घंटों में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहा। राजधानी भोपाल में सुबह से ही बादल छाए रहे। लोगों को श्योपुर में लगातार दूसरे दिन 2.2 इंच बारिश दर्ज की गई। ग्वालियर और उज्जैन सहित 13 जिलों में कहीं मध्यम तो कहीं हल्की वर्षा हुई। दतिया में 1 इंच, सीधी और रतलाम में आधा इंच से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। टीकमगढ़ में भी आधा इंच पानी गिरा। गुना, विदिशा, मंदसौर, रीवा, मुरैना, छतरपुर के खजुराहो और नौगांव क्षेत्र में बूंदाबांदी का दौर रहा। लगातार भीगते मौसम के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जबकि रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई, जिससे ठंडी-नम हवा का असर अधिक महसूस हुआ।
तापमान में बनी रहेगी गिराव
मौसम विभाग का कहना है कि बादलों की मौजूदगी और नमी के कारण दिन के तापमान में सामान्य से 2-3 डिग्री तक गिरावट रह सकती है। इसके विपरीत रातें अपेक्षाकृत गर्म रहेंगी, क्योंकि बादल गर्मी को धरती के पास रोके रखेंगे।
बारिश से पड़ रहा फसलों पर असर
किसानों का कहना है कि खेतों में पानी भरने से जड़ों में सडऩ का खतरा बढ़ेगा और तिलहनी फसल में फफूंदजनित रोग भी उभर सकते हैं। सब्जी उत्पादक किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि बारिश से पत्तेदार सब्जियों में गलन और झुलसा रोग पनपने की आशंका बढ़ जाती है।
सर्दी-खांसी के मामलों में बढ़ोतरी
मौसम के लगातार बदलने से आमजन के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। दिन में बादल और नम हवा, देर शाम ठंडी हवाओं और हल्की बूंदाबांदी के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जिससे सर्दी-खांसी, गले में खराश और वायरल संक्रमण के मामलों में वृद्धि हो रही है। चिकित्सकों का कहना है कि सुबह-शाम बाहर निकलते समय हल्का गर्म वस्त्र जरूर पहनें। बदलते मौसम में शरीर का तापमान अचानक गिरने से सर्दी-जुकाम तेजी से फैलता है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इस मौसम में गरम तरल पदार्थों का सेवन, ड्रायनेस से बचाव और प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखना जरूरी बताया जा रहा है।
अगले चार दिन तक बना रहेगा बदलाव
मौसम वैज्ञानिकों का आकलन है कि अगले चार दिनों तक इसी तरह का दौर जारी रहेगा। कुछ जिलों में मध्यम बारिश संभव है, जबकि ज्यादातर क्षेत्रों में बादल और हल्की फुहारें पड़ सकती हैं। नमी और ठंड का संयुक्त प्रभाव नवंबर के पहले सप्ताह तक बना रह सकता है। इस बीच किसानों और आमजन दोनों को स्वास्थ्य एवं फसल सुरक्षा के लिए सजग रहने की सलाह दी गई है।







