विंध्य के लाल, महाकौशल के कर्मकार बोले: जीवन का एक-एक पल समर्पित है मानव सेवा में
शहडोल में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ, निर्बल के लिए वरदान हो सकता है साबित

विनय शुक्ला, यश भारत शहडोल।
समाज में गरीब तबके को मदद की आवश्यकता होती है और उसके लिये सोच की भी आवश्यकता होती है। उसी सोच को फलीभूत करते हुये शहडोल में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें उन गरीबों को मदद मिली और आने वाले दो दिन मिलेगी भी जो आर्थिक रुप से सम्पन्न नहीं है। योग्य और कुशल चिकित्सकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के दम पर इस शिविर में जान फूंकने का काम हिंदुस्तान के प्रसिद्ध एडवोकेट एवं राज्य सभा सदस्य विवेक तन्खा ने किया है।
प्रोजेक्ट राहत के तहत शहडोल संभागीय मुख्यालय स्थित आईटीआई कॉलेज परिसर में तीन दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा है। पहले दिन शुक्रवार को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला व राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन हुआ। इस दौरान जयसिंहनगर विधायक मनीषा सिंह, जैतपुर विधायक जयसिंह मरावी, ब्यौहारी विधायक शरद जुगलाल कोल, पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

350 का सेवादार पहुंचाएंगे मदद
प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस स्वास्थ्य शिविर में विभिन्न प्रकार की जाँचें निःशुल्क रूप से लोगों को मिलेगी। गौरतलब है कि प्रदेश भर के विभिन्न विषय विशेषज्ञों (डॉक्टर) से सलाह एवं सहयोग भी मिलेगा इसके साथ ही लगभग 350 स्वास्थ्य कर्मियों का टोला भी अपनी मौजूदगी में यहां आने वाले लोगों के लिये सेवा प्रदान करेगी। निश्चित रूप से इस स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से उस गरीब तबके और सामान्य वर्ग को लाभ प्राप्त होगा जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। रोटरी क्लब शहडोल मंडला मैकल एवं जबलपुर राजकृष्ण तन्खा फाउंडेशन चिरायु मेडिकल कॉलेज व हास्पिटल भोपाल सहित लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सहयोग से यह तीन दिवसीय शिविर लगाया गया है। यह विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर 15 मार्च तक शासकीय आईटीआई परिसर, शहडोल में प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित किया जाएगा। शिविर में सुपर स्पेशियलिटी विशेषज्ञों द्वारा कैंसर, रीढ़, हड्डी, स्त्री रोग, छाती एवं श्वास रोग, शिशु रोग, किडनी रोग, घुटना रोग, मूत्र रोग, चर्म रोग, कटे-फटे होंठ, नाक-कान-गला आदि रोगों का निःशुल्क परामर्श एवं उपचार किया जाएगा। इसके साथ ही डिजिटल एक्स-रे, सोनोग्राफी, ईको, ईसीजी, कैंसर जांच, आआंखों की जांच, डायबिटीज जांच तथा फेफड़ों की कार्यक्षमता परीक्षण जैसी जांच सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी।

भोपाल के चिरायु अस्पताल के संचालक डॉ. गोयनका ने अपने समस्त स्टाफ के साथ सेवाएं देने की प्रतिबद्धता जहर करते हुए गंभीर बीमार व्यक्तियों को निःशुल्क, भोपाल सहित देश की राजधानी दिल्ली के बड़े अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं देने की बात कही गई है। कार्यक्रम में उपस्थित रहे अतिथियों के अलावा मुम्बई के प्रतिष्ठित हाॅस्पिटल के प्रख्यात सर्जन डॉ. विशाल कुन्दनानी, मणिपाल अस्पताल, वेदान्ता अस्पताल, बालको कैंसर हास्पिटल, अपोलो जबलपुर व चिरायु अस्पताल भोपाल के संचालक डॉ. गोयनका को रोटरी क्लब ने स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित कर आभार जताया।
कर्म से महाकौशल और जन्म से विंध्य को समर्पित: तन्खा
विवेक कृष्ण तन्खा ने कहा कि, मैं रीवा में जन्मा, लेकिन मेरी कर्म स्थली जबलपुर रही है और मुझे समाज सेवा का शौक रहा है। उन्होंने कहा कि, 2016 में शहडोल में रोटरी क्लब का शिविर आयोजित किया गया था। उसके संस्मरण आज भी याद हैं। उस दौरान ऐसा लग रहा था कि, 2000 हजार लोग आयेगें! लेकिन, 10 हजार की भीड़ देखते ही हाथ-पांव फूलने लगे। तब हमने कर्म किया और चिंता नहीं की। परिणाम यह रहा कि, यह शिविर एक सफल आयोजन के रूप में गुंजायमान हुआ।
उस दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इस शिविर में पर्याप्त योगदान दिया। जिसकी बदौलत इस शिविर में प्रशासनिक एवं राजनैतिक दोनों की उपलब्धता नजर आई। इस बार भी शिविर का आयोजन वृहद पैमाने पर हुआ है। क्योंकि, राजेंद्र शुक्ल मेरे मित्र तो हैं ही और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री भी। मैं चाहूंगा कि, वो शहडोल को स्वास्थ्य सुविधा के रूप में उपलब्धियों से नवाजने का काम करें। जिस तरह से इस शिविर के लिये तन्मयता दिखाई गई है और आज यहां देश के कोने-कोने से चिकित्सक उपलब्ध हैं। निश्चित रूप से बाम्बे, दिल्ली, रायपुर से चिकित्सकों की टीम जिस सेवा भाव से शहडोल पहुंची है यह किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है। शिविर का उद्देश्य हर उस वर्ग को स्वास्थ्य सुविधा देना है, जो स्वास्थ्य लाभ से आर्थिक व्यवस्था के चलते चिंतित हैं। इस शिविर के पूर्व लगाए गए, शिविर को लेकर उन्होंने बताया कि, वहां 16 बच्चियों का जांच के दौरान यह ज्ञात हुआ कि, उनके नेत्र शक्ति वापस आने की गुंजाइश दिखी। जिसके बाद आज वर्तमान में उनका इलाज दिल्ली में निशुल्क रूप से हो रहा है और उनकी आंखों की रोशनी भी वापस आ चुकी है। लगभग, सभी अब इस दुनिया की को देख सकने के लिए तैयार हैं।

बोले डिप्टी सीएम: वर्तमान खानपान और जीवनशैली से बढ़ रहा बीमारियों का प्रकोप
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि, लोगों को स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील और जागरूक होना आवश्यक है। वर्तमान समय में बाहर के खान-पान से बचना चाहिए। रोटरी क्लब द्वारा आयोजित यह निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर जरूरतमंद लोगों की सेवा का एक अत्यंत पुनीत कार्य है। उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे बड़ी से बड़ी बीमारी का उपचार भी निःशुल्क संभव हो रहा है। बताया कि, 28 फरवरी को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के तहत 14 से लेकर 15 वर्ष 3 माह तक की बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, एचपीव्ही वैक्सीनेशन सर्वाइकल कैंसर से बचाव का अत्यंत प्रभावी माध्यम है। इसलिए सभी लोग अपनी इस उम्र की बेटियों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में ले जाकर निःशुल्क जीवनरक्षक एचपीव्ही टीका अवश्य लगवाएं। यह भी कहा कि, वर्तमान में खान-पान एवं जीवनशैली ठीक नहीं होने के कारण बीमारियों का प्रकोप बढ़ा है। हमें जीवन में योग, प्राणायाम अपनाने के साथ ही धरती को सेहतमंद बनाने के लिए प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना होगा। गोबर और गौमूत्र से धरती को सेहतमंद बनाकर शुद्ध अन्न उपजाकर सेवन करने से स्वास्थ्य में भी सुधार होगा।
शहडोल को सौगात, भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत
शहडोल प्रवास पर आए मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज शहडोल स्थित ब्लड सेंटर का भी फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि, यह ब्लड सेंटर संभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। अब यहां आने वाले मरीजों को सरलता और सहजता से रक्त की उपलब्धता हो सकेगी। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि, वर्तमान में प्रदेश में 19 शासकीय मेडिकल कॉलेज संचालित हैं और शीघ्र ही इनकी संख्या 26 होने जा रही है। शहडोल मेडिकल कॉलेज में भी एमबीबीएस की सीटों को 100 से बढ़ाकर 200 करने तथा पीजी सीटों को 6 से बढ़ाकर 71 करने की प्रक्रिया अंतिम चरण पर हैं। प्रदेश सरकार सीएम केयर योजना के तहत मेडिकल कॉलेजों को हृदय रोग, कैंसर व अंग प्रत्यारोपण की सुविधा देने जा रही है, स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह नई क्रांति होगी। मेडिकल कॉलेज में रिक्त पदों की भर्ती के लिए विज्ञापन के माध्यम से वाक-इन इंटरव्यू शीघ्र आयोजित कर भर्ती प्रक्रिया की जाने की तैयारी है।
कॉलेज में सिटी स्कैन एवं एमआरआई की सुविधा उपलब्ध कराने एवं जिला अस्पताल का विस्तार करते हुए 300 से बढ़ाकर 500 बिस्तरों की क्षमता वाला किया जाएगा। कॉलेज में अध्ययनरत विद्यार्थी से कहा कि, बेहतर शिक्षा ग्रहण कर देश और समाज की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए, चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ अपनी संवेदनशीलता और सेवा भावना का भी परिचय दें। मरीजों की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य है। पढ़ाई पूरी कर चिकित्सक बनने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देकर पिछड़े क्षेत्रों के मरीजों को सेवाएं दें। कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. गिरीश बी. रामटेके ने बताया कि, टेलीमेडिसिन सेवा के माध्यम से मार्च 2025 से फरवरी 2026 तक कुल 5587 मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया। ब्लड सेंटर के ब्लड कंपोनेंट स्टोरेज रूम में 4 ब्लड बैंक रेफ्रिजरेटर व 2 डीप फ्रीजर की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके साथ ही उन्होंने कोर्ट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम, एमबीबीएस सीटों, ओपीडी संचालन सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की विस्तृत जानकारी भी दी।







