भोपाल में ‘पैगाम-ए-इंसानियत’ कार्यक्रम का आगाज़
तीन दिवसीय राष्ट्रीय सामाजिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी में भाईचारे और एकता का संदेश

भोपाल में ‘पैगाम-ए-इंसानियत’ कार्यक्रम का आगाज़
तीन दिवसीय राष्ट्रीय सामाजिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी में भाईचारे और एकता का संदेश
भोपाल, यशभारत। मानवता, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आज भोपाल के सेंट्रल लाइब्रेरी मैदान में तीन दिवसीय राष्ट्रीय सामाजिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी 2025 तथा ‘पैगाम-ए-इंसानियत’ कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ हुआ। यह आयोजन 24 से 26 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें देशभर से विद्वान, सामाजिक कार्यकर्ता, धार्मिक व्यक्तित्व, छात्र, शिक्षक और नागरिक बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।

उद्घाटन समारोह में वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सनव्वर पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। शहर के काज़ी सैयद मुश्ताक अली नदवी, मुफ्ती अब्दुल कलाम और मुफ्ती ग़ाज़ी वली सहित कई उलेमा और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
कार्यक्रम की शुरुआत कुरआन-ए-करीम की तिलावत से हुई, जिसके बाद वक्ताओं ने एकता, शांति और सेवा-मानवता के संदेश पर प्रकाश डाला। पहले दिन सुन्नत के अनुसार बिना दहेज और बिना दावत के तीन सामूहिक निकाह संपन्न हुए, जिन्हें मिसाल के तौर पर प्रस्तुत किया गया।
छात्र-छात्राओं ने फन-ए-किराअत, नात-ख्वानी, क्विज़ प्रतियोगिता، सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों की सराहना प्राप्त की। काउंसलिंग सत्रों में युवाओं को वैवाहिक जीवन में संतुलन, सकारात्मक सोच और इंसानियत की सेवा के गुर सिखाए गए।

प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को डेढ़ लाख रुपये के नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर कई लोगों ने बल्ड डोनेट किया, आयोजकों के अनुसार आने वाले दो दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिनिधि अपने शैक्षणिक और सामाजिक अनुभव साझा करेंगे। कार्यक्रम संयोजक ने बताया कि ‘पैगाम-ए-इंसानियत’ प्रेम, नजदीकी और साझा सेवा-मानवता की भावना को जगाने का एक सर्वसमावेशी अभियान है।
कार्यक्रम में तक़रीबन 15 ऐसे विवाहित जोड़ों का भी सम्मान किया गया जिन्होंने बिना दहेज और बिना बारात की दावत के निकाह किया।







