रिछाई ओवर ब्रिज के धुर्रे उडे हो गए बड़े-बड़े गड्ढे और दिखने लगी सरिया, सर्विस रोड भी बदहाल

जबलपुर यश भारत। शहर से लगे हुए औद्योगिक क्षेत्र रिछाई के समीप स्थित ओवर ब्रिज के हाल बेहाल हैं। एक तरफ जहां ब्रिज के ऊपर बड़े-बड़े गड्ढे निकल आए हैं तो दूसरी तरफ का बड़े-बड़े गड्ढे से लोहे की सरिया भी झांकने लगी है जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ रही है आश्चर्य की बात तो यह है कि इस ओवर ब्रिज के रखरखाव की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। वैसे भी यह ओवर ब्रिज जब से बना है तभी से किसी न किसी कारण से सुर्खियां मै बनता रहा है कभी बिजली की समस्या को लेकर तो कभी अंधकार के कारण होने वाले हादसों को लेकर। न केवल ओवर ब्रिज के ऊपर की सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे निकल आए हैं बल्कि नीचे जो सर्विस रोड बनाई गई है उसकी भी धज्जियां उड़ चुकी हैं। इस औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रही है और हजारों की तादाद में कर्मचारियों का आना-जाना भी यही से होता है इसके अलावा फैक्ट्री तक माल लाने ले जाने के लिए वाहनो का संचालन भी होता रहता है लेकिन खस्ता हाल सर्विस रोड और ब्रिज के ऊपर निकले गड्ढे लोगों की परेशानी बढ़ा रहे है। ऐसा नहीं है कि इस समस्या की ओर किसी ने किसी का ध्यान आकर्षित न कराया हो औद्योगिक क्षेत्र में अनेक संगठन है जो समस्याओं को लेकर समय-समय पर संबंधितों का ध्यान भी आकर्षित कराते हैं लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि उनकी समस्याओं की जिस तरह से अनदेखी की जाती है वह आश्चर्यजनक है।
पिछले साल भी किया गया था रिपेयर
वैसे तो जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक इस ओवर ब्रिज का निर्माण वर्ष 2021 में पूरा हो गया था और इसे लोगों के लिए चालू भी कर दिया गया था इसका निर्माण गुजरात की एक कंपनी के द्वारा कराया गया था। लेकिन निर्माण के बाद से ही यह ओवर ब्रिज गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में रहा है। औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोग बताते हैं कि वर्तमान में जो स्थिति है इसी तरह की स्थिति विगत वर्ष भी निर्मित हो गई थी लेकिन जैसा कि होता आया है लीपा पोती करके खाना पूर्ति कर दी गई और उसी का परिणाम है कि एक बार फिर फ्लाईओवर में गड्ढे निकल आए हैं और सर्विस रोड भी बदहाल हालत में पहुंच चुकी है।
जिम्मेदार नहीं देते कोई ध्यान
इस संबंध में जब लघु उद्योग भारती के संयुक्त सचिव बीके नेमा से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि इतना बड़ा औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद भी यहां व्याप्त समस्याओं को जिम्मेदार कभी गंभीरता से नहीं लेते जिसके कारण न केवल यहां इकाइयां चलाने वालों को बल्कि काम करने वालों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। एक समय था जब जब ओवर ब्रिज के ऊपर लाइट के खंबे और प्रकाश की व्यवस्था कर दी गई थी लेकिन वह कभी-कभार ही जलती थी जिसके कारण जहां दुर्घटनाएं होती थी वहीं लूटपाट और मारपीट की घटनाएं भी आम बात हो गई थी बाद में आवाज उठाने के बाद कुछ ध्यान दिया गया लेकिन कुछ समय के बाद व्यवस्थाएं फिर से पुराने ढर्रे पर चली जाती हैं।औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण बड़ी संख्या में बाहरी लोग भी यहां आते हैं और यहां की बदहाल व्यवस्था देखकर इंडस्ट्रियल स्टेट की जो छवि उनके मन में बनती है वह शर्मसार करने वाली है।







