प्रदेश का पहला सरकारी कार्यालय जहां कर्मचारियों का ड्यूटी से पहले होगा “शराब टेस्ट” _ डायल 112 मुख्यालय में मंगवाई गई ब्रीद एनालाइजर मशीन

यश भारत एक्सक्लूसिव
प्रदेश का पहला सरकारी कार्यालय जहां कर्मचारियों का ड्यूटी से पहले होगा “शराब टेस्ट”
_ डायल 112 मुख्यालय में मंगवाई गई ब्रीद एनालाइजर मशीन
आशीष दीक्षित, भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस का स्टेट कमांड सेंटर डायल-112 मुख्यालय इन दिनों एक अनोखी व्यवस्था को लेकर चर्चा में है। अब यहां आने वाले हर कर्मचारी को ड्यूटी पर बैठने से पहले एक टेस्ट से गुजरना होगा। यह टेस्ट किसी लिखित परीक्षा या शारीरिक जांच का नहीं बल्कि शराब की जांच का होगा। मुख्यालय परिसर में हाल ही में ब्रीद एनालाइजर मशीन मंगवाई गई है। इस मशीन से रोजाना सभी कर्मचारियों की जांच की जाएगी। मशीन यह बताएगी कि कर्मचारी ने शराब पी रखी है या नहीं। रिपोर्ट में क्लीयर होने के बाद ही उसे ड्यूटी करने की अनुमति मिलेगी।
शराब की गंध सूंघवाने की घटना बनी वजह
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले मुख्यालय में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया था। ड्यूटी पर पहुंचे कुछ पुरुष कर्मचारियों पर शराब पीने का संदेह हुआ तो एक अधिकारी ने महिला कर्मचारी से उनका मुंह सूंघवाया। यह मामला उजागर होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में जांच हुई और डिस्पेचरी प्रभारी अधिकारी राजेश त्रिपाठी को निलंबित कर दिया गया। इसी घटना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यालय में तकनीकी समाधान के रूप में ब्रीद एनालाइजर मशीन लाने का फैसला लिया।
दो आउटसोर्स कर्मचारी हटाए गए
मशीन लगने के तुरंत बाद ही इसका असर भी देखने को मिला। परीक्षण के दौरान निजी कंपनी के दो आउटसोर्स कर्मचारी शराब पीकर ड्यूटी पर आते पाए गए। उन्हें तुरंत प्रभाव से नौकरी से हटा दिया गया। इसके बाद से ही मुख्यालय में काम करने वाले सभी कर्मचारियों में खौफ का माहौल है। कर्मचारी मानते हैं कि अब कोई भी लापरवाही नहीं कर पाएगा, लेकिन साथ ही सुबह शाम की शिफ्ट में टेस्ट देने की प्रक्रिया को लेकर मन में एक अजीब सा दबाव भी महसूस कर रहे हैं।
प्रदेश का पहला सरकारी दफ्तर
जानकारों का कहना है कि संभवतः यह प्रदेश का पहला शासकीय कार्यालय है जहां कर्मचारियों की ड्यूटी शुरू करने से पहले शराब की जांच की जा रही है। सामान्यतः ब्रीद एनालाइजर मशीन का इस्तेमाल ट्रैफिक पुलिस द्वारा सड़कों पर वाहन चालकों की जांच के लिए किया जाता है। लेकिन अब इसका इस्तेमाल सरकारी दफ्तर में पदस्थ कर्मचारियों के लिए किया जा रहा है।
कर्मचारियों में दहशत
मुख्यालय में कार्यरत कई कर्मचारी नाम ना छापने की शर्त पर बताते हैं कि मशीन में टेस्ट देने का दबाव महसूस होता है। हालांकि अधिकतर लोग इस व्यवस्था को सही मानते हैं क्योंकि इससे विभाग की छवि और कामकाज की पारदर्शिता बनी रहेगी।
डायल 112 की ड्यूटी बेहद संवेदनशील मानी जाती है
डायल-112 की ड्यूटी बेहद संवेदनशील मानी जाती है। यहां से पूरे प्रदेश की इमरजेंसी कॉल्स पर त्वरित कार्रवाई होती है। ऐसे में यदि कोई कर्मचारी शराब के नशे में ड्यूटी करता है तो गंभीर घटनाओं के निपटारे में लापरवाही हो सकती है।
अनुशासन और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम
पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मानते हैं कि यह कदम अनुशासन और पारदर्शिता की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। डायल-112 जैसे अहम विभाग में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इस व्यवस्था से न केवल कार्य संस्कृति में सुधार आएगा बल्कि कर्मचारियों में जिम्मेदारी की भावना भी बढ़ेगी। इस कदम से जहां विभागीय छवि मजबूत होगी, वहीं जनता का भरोसा भी और अधिक बढ़ने की उम्मीद है।
शराब टेस्ट के नियम
_ ड्यूटी शुरू करने से पहले सभी कर्मचारियों की जांच होगी।
_ रिपोर्ट में पॉजिटिव आने पर ड्यूटी से रोका जाएगा।
दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई होगी।
_ आउटसोर्स कर्मचारियों पर सीधी नौकरी समाप्त करने की कार्रवाई।
तत्काल कार्रवाई की जाएगी
डायल 112 मुख्यालय में ड्यूटी करने वाले सभी कर्मचारियों ब्रीद एनालाइजर से टेस्ट कराया जा रहा है। यह प्रक्रिया पूरी तरह अनिवार्य है। यदि कोई कर्मचारी शराब पीकर ड्यूटी पर आता है तो उसके खिलाफ तत्काल विभागीय कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में दो आउटसोर्स कर्मचारियों को इसी आधार पर हटाया गया है। हमारा उद्देश्य किसी को डराना नहीं, बल्कि कार्यस्थल को पूरी तरह सुरक्षित और अनुशासित रखना है। यह व्यवस्था आगे भी जारी रहेगी और इसमें किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
_ नीतू ठाकुर, एसपी, डायल 112 मुख्यालय भोपाल







