बोर्ड क्लब मानस भवन के सामने डिवाइडर उखड़ा

बोर्ड क्लब मानस भवन के सामने डिवाइडर उखड़ा
– राहगीरों की जान पर बन आई
– कई दिनों से बनी है खतरनाक स्थिति, बीच सड़क चलने को मजबूर लोग, निगम की चुप्पी पर उठे सवाल
भोपाल, यश भारत । राजधानी के बोर्ड क्लब मानस भवन के सामने सड़क के बीच लगे डिवाइडर के ब्लॉक उखाड़े जाने से क्षेत्र में आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। डिवाइडर के अभाव में राहगीरों को सड़क के बीचों-बीच चलना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह स्थिति कई दिनों से बनी हुई है, लेकिन नगर निगम की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
पैदल चलने वालों के लिए सबसे ज्यादा खतरा
डिवाइडर हटने के कारण सड़क पार करने वाले लोगों को सुरक्षित ठहराव का स्थान नहीं मिल पा रहा है। पहले जहां डिवाइडर के कारण वाहन नियंत्रित गति से चलते थे, वहीं अब वाहन चालक बिना किसी रुकावट के तेज रफ्तार में निकल रहे हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सड़क पार करते समय असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। शाम के समय जब यातायात का दबाव बढ़ता है, तब स्थिति और भी भयावह हो जाती है।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि कई बार मामूली टक्कर और ब्रेक लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। किसी बड़े हादसे से पहले प्रशासन को तत्काल व्यवस्था सुधारनी चाहिए।
ट्रैफिक अव्यवस्थित, जाम की स्थिति
डिवाइडर के ब्लॉक हटने से वाहनों की लेन व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक अपनी सुविधा अनुसार रास्ता बदल रहे हैं, जिससे अचानक मोड़ और कट मारने की घटनाएं बढ़ गई हैं। इससे पीछे आने वाले वाहनों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है और जाम की स्थिति बन जाती है।
रोजाना इस मार्ग से कार्यालय आने-जाने वाले कर्मचारियों का कहना है कि सुबह और शाम के समय यहां अफरा-तफरी का माहौल रहता है। यातायात पुलिस की नियमित तैनाती भी नहीं दिखती, जिससे अव्यवस्था और बढ़ जाती है।
तत्काल हो अस्थायी सुरक्षा प्रबंध
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि जब तक स्थायी डिवाइडर की मरम्मत नहीं होती, तब तक अस्थायी बैरिकेड या संकेतक लगाए जाएं, ताकि वाहन चालकों को सतर्क किया जा सके। साथ ही रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाए जाने की भी जरूरत बताई जा रही है।
नगर निगम की ओर से अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो किसी गंभीर दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।







