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उपभोक्ताओं को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी सेवा देने के लिए कंपनी कृत संकल्पित

यश भारत भोपाल।

उपभोक्ताओं को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी सेवा देने के लिए कंपनी कृत संकल्पित

यश भारत भोपाल। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी उपभोक्ताओं को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और त्वरित विद्युत सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक मानव संसाधन एवं प्रशासन डॉ. राकेश शर्मा ने गोविंदपुरा स्थित कॉल सेंटर एवं पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन ट्रेनिंग सेंटर पी डी टी सी  का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कॉल सेंटर में प्राप्त होने वाली उपभोक्ता शिकायतों तथा उन पर की जा रही कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि उपभोक्ताओं की सुविधा बढ़ाने और शिकायतों के पारदर्शी व त्वरित निराकरण के लिए 1912 कॉल सेंटर सेवाओं का विस्तार किया गया है। जिला एवं संभागीय मुख्यालयों के अलावा 15 नई 24×7 निम्नदाब एफओसी (फील्ड ऑपरेशन सेंटर) टीमें संचालित की जा रही हैं। कंपनी के केन्द्रीयकृत कॉल सेंटर द्वारा आईवीआर तकनीक वॉयस बोट व्हाट्सएप चैटबॉट तथा उपाय एप जैसे विभिन्न माध्यमों से शिकायत दर्ज की जा रही हैं। दिसंबर 2025 तक निम्नदाब उपभोक्ताओं की 13 लाख 12 हजार से अधिक तथा उच्चदाब उपभोक्ताओं की 1,500 से अधिक विद्युत आपूर्ति संबंधी शिकायतों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया।
वित्तीय वर्ष 2025–26 में कॉल सेंटर द्वारा प्रतिदिन लगभग 500 उपभोक्ताओं से फीडबैक लिया गया, जिससे कुल 1 लाख 37 हजार उपभोक्ताओं से प्रतिक्रिया प्राप्त हुई और संतुष्टि दर 99.9 प्रतिशत दर्ज की गई। कॉल सेंटर में एक साथ 800 कॉल रिसीव करने की क्षमता है।
अधिकारियों ने बताया कि उपभोक्ता 1912 नंबर पर सीधे कॉल कर अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त वॉयस बोट और व्हाट्सएप चैटबॉट के माध्यम से भी शिकायतें दर्ज कर उनका समाधान किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान मुख्य महाप्रबंधक को एक उपभोक्ता कॉल का लाइव डेमो भी दिखाया गया, जिसमें शिकायत दर्ज होने के बाद एफओसी टीम द्वारा मौके पर जाकर समाधान और बाद में फीडबैक लेने की पूरी प्रक्रिया प्रदर्शित की गई। बताया गया कि प्रत्येक शिकायत संबंधित क्षेत्र की एफओसी टीम को भेजी जाती है जो तुरंत उपभोक्ता से संपर्क कर उसके घर पहुंचकर विद्युत आपूर्ति में आई बाधा दूर करती है। इसके बाद कॉल सेंटर द्वारा तीन बार फीडबैक लिया जाता है और उपभोक्ता की संतुष्टि होने पर ही शिकायत बंद की जाती है।
निरीक्षण के दौरान डॉ. शर्मा ने स्काडा एस सी ए डी ए  प्रणाली की गतिविधियों का भी अवलोकन किया। वहीं पीडीटीसी में अप्रैल 2025 से दिसंबर 2025 के बीच 7,352 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विभिन्न तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किए गए। कंपनी ने पुन दोहराया कि उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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