शोपीस साबित हो रहे बंद पड़े ट्रैफिक सिग्नल
त्यौहार पर सड़क़ों पर बढ़ी भीड़, रोजाना बन रहे जाम के हालात, लोग हो रहे घंटों परेशान

जबलपुर, यशभारत। स्मार्ट सिटी द्वारा शहर में 24 करोड़ के इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) से ट्रैफिक व्यवस्था का संचालन करने का दावा खोखला साबित हो रहा है। चौराहों पर लगे ट्रैफिक सिग्नल्स मजाक बनते जा रहे हैं। जिन तिराहों व चौराहों पर लगे सिग्नल बंद पड़े हैं, वहां खुली अराजकता है। आगे निकलने की होड़ में दो-पहिया और चार-पहिया वाहन चालक कहीं से भी कैसे भी निकल रहे हैं। इससे हादसों का खतरा बढ़ा है। वहीं दूसरी तरफ जो सिग्नल्स चालू हैं तो वहां भी मनमानी नजर आ रही है। वाहन चालक रेड सिग्नल का उल्लंघन करके नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। सिग्नल्स का पालन नहीं होने से तिराहों चौराहों पर रोजाना जाम की स्थिति बन रही है। दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। सब कुछ देखकर भी नगर नगर निगम, निगम, सम स्मार्ट सिटी व
ट्रैफिक पुलिस के जिम्मेदार खामोश बैठे हुए हैं। जबकि ट्रैफिक सिग्नल्स को सुधरवाने की जिम्मेदारी स्मार्ट सिटी, नगर निगम एवं यातायात पुलिस की संयुक्त रूप से है। लेबर चौक के अलावा नागरथ चौक,घमापुर चौराहा एवं तैयब अली चौक पर लगे ट्रैफिक सिग्नल भी पिछले काफी समय से बंद पड़े हुए हैं। शहर के व्यस्तम चौराहों में से एक घमापुर चौराहे से दिनभर में लाखों लोगों और हजारों वाहनों का आना-जाना होता है। लेकिन सिग्नल बंद होने के कारण वाहन चालक अपनी मनमानी करते हैं जिससे रोजाना सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं क्षेत्रीयजनों द्वारा स्मार्ट सिटी, नगर निगम एवं ट्रैफिक पुलिस के जिम्मेदारों तक शिकायतें पहुँचाई भी जाती हैं तो वे एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर खामोश हो जाते हैं। इस तरह ये तमाम ट्रैफिक सिग्नल इन दिनों शो-पीस बने हुए हैं और त्योहारों की भीड़ होने के बावजूद ट्रैफिक पुलिस के जवान भी यहाँ तैनात नहीं होते हैं।







