भोपालमध्य प्रदेश

भीषण गर्मी में राजधानी की प्यास बढ़ी, बोरिंग पर पूर्ण प्रतिबंध

भीषण गर्मी में राजधानी की प्यास बढ़ी, बोरिंग पर पूर्ण प्रतिबंध

– हिनोतिया आलम में चार दिन से पानी बंद, प्रदर्शन के दौरान महिला बेहोश

– 20 से अधिक इलाकों में दूषित पानी की समस्या

यशभारत, भोपाल। राजधानी में गर्मी की पहली दस्तक के साथ ही जल संकट गहराने लगा है। तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंचते ही शहर की जल प्रदाय व्यवस्था चरमरा गई है। एक ओर बड़ा तालाब, कोलार और केरवा जैसे प्रमुख बांधों में पर्याप्त जल भंडार मौजूद है, वहीं दूसरी ओर वितरण व्यवस्था की खामियां और गिरते भू-जल स्तर के कारण कई इलाकों में लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 30 जून 2026 तक पूरे जिले में निजी ट्यूबवेल और बोरिंग खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश का उल्लंघन करने पर 2 हजार रुपये जुर्माना और दो साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है।

हिनोतिया आलम में फूटा गुस्सा
शहर के हिनोतिया आलम क्षेत्र में पिछले चार दिनों से पानी की सप्लाई बंद है। इससे नाराज रहवासियों, खासकर महिलाओं ने खाली बर्तन लेकर नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। भीषण गर्मी में प्रदर्शन के दौरान एक महिला अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई। सूचना मिलने पर एमआईसी सदस्य जगदीश यादव मौके पर पहुंचे और जल्द जलापूर्ति बहाल कराने का आश्वासन देकर स्थिति को शांत कराया।

कई इलाकों में दूषित पानी का खतरा
शहर के कई हिस्सों में पानी की कमी के साथ-साथ दूषित जल की समस्या भी सामने आ रही है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार खानुगांव, आदमपुर छावनी और वाजपेयी नगर क्षेत्रों के भू-जल में ई-कोलाई बैक्टीरिया पाया गया है। वहीं अशोका गार्डन, पंजाबी बाग, ऐशबाग और बरखेड़ी कला सहित 20 से अधिक इलाकों में सीवेज मिश्रित पानी की शिकायतें मिल रही हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
इन क्षेत्रों में ज्यादा संकट
मेट्रो प्रोजेक्ट के कारण करोंद मंडी के पास पाइपलाइन शिफ्टिंग होने से करोंद, अन्ना नगर, रतन कॉलोनी और शिव नगर समेत 50 से अधिक इलाकों में जलापूर्ति प्रभावित हो रही है।
पुराने शहर के चांदबाड़ी और उड़िया बस्ती में पेयजल पाइपलाइन नालियों के बीच से गुजरने के कारण दूषित पानी की समस्या बनी हुई है।
कोलार क्षेत्र में अमृत 2.0 परियोजना की धीमी गति के चलते ललित नगर और आसपास की कॉलोनियों के करीब 5 लाख लोग अनियमित जलापूर्ति से परेशान हैं।

जल स्रोतों की स्थिति
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार बड़ा तालाब का जल स्तर 1663 फीट है, जिसे संतोषजनक माना जा रहा है। हालांकि शहर में भू-जल स्तर कई जगह 250 से 600 फीट तक गिर चुका है। वर्तमान में नगर निगम के पास केवल 125 चालू ट्यूबवेल बचे हैं, जिसके कारण टैंकरों पर निर्भरता बढ़ गई है।

टैंकर के लिए जारी किए गए नंबर
निजी टैंकर माफियाओं की मनमानी रोकने के लिए नगर निगम ने जोनवार हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। नागरिक सरकारी दरों पर टैंकर मंगवाने के लिए इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं—
जोन 1 और 20: 9424499701 (सचिन साहू)
जोन 4 और 5: 9424499704 (अजय सोलंकी)
जोन 6 और 21: 9424499706, 8989196721 (भूपेंद्र सिंह)
जोन 10 और 12: 9424499710 (अंकुर रायजादा)
जोन 16 और 17: 9424499716 (बबली शर्मा)।

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