
गंगटोक, एजेंसी। सिक्किम के यांगथांग निर्वाचन क्षेत्र में अपर रिम्बी में बीती रात भयंकर लैंडस्लाइड हुआ, जिसे चलते आए पानी और मलबे में लोग बह गए. हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई है. वहीं 3 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश में ग्रामीण स्स्क्च कर्मियों के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं. पुलिस और स्थानीय लोगों ने उफन रही ह्यूम नदी पर पेड़ों की लकड़ियों से एक अस्थायी पुल बनाया, जिसके जरिए 2 घायल महिलाओं को रेस्क्यू किया गया।
स्क्क गेजिंग शेरिंग शेरपा ने लैंडस्लाइड की जानकारी देते हुए बताया कि भारी बारिश के चलते पहाड़ दरक गए और भारी भूस्खलन हुआ, जिससे पानी के साथ मलबा और पत्थर आया. पानी आने से ह्यूम नदी में उफान आ गया और पानी अपना रास्ता बनाते हुए घरों को बहा ले गया. 2 घायल महिलाओं को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन एक महिला ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया. दूसरी महिला की हालत गंभीर है. 3 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
आगरा में 47 साल बाद ऐसी बाढ़
उत्तर प्रदेश के आगरा में बाढ़ का 47 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा है। कैलाश घाट से बटेश्वर तक यमुना ने तबाही मचाई है। ताजमहल के पीछे बना पार्क पूरी तरह से डूब गया। ताजमहल की बाउंड्री को बाढ़ का पानी छूने लगा। यहां 2-3 फीट तक पानी भर गया। 25 कॉलोनियां और 40 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। 5 हजार से ज्यादा लोग राहत शिविरों में शिफ्ट हो चुके हैं। लोगों का कहना है कि आगरा में ऐसी बाढ़ 1978 में देखी थी। ताजमहल के पीछे बना पार्क पूरी तरह से डूब गया। 5 हजार से ज्यादा लोग रिलीफ कैंप में हैं।
हिमाचल प्रदेश में अब तक 380 लोगों की मौत
हिमाचल प्रदेश में 20 जून से अब तक बारिश-बाढ़ के कारण 380 लोगों की मौत हो चुकी है, 40 लापता हैं। सबसे ज्यादा 48 मौतें लैंडस्लाइड में गईं। बादल फटने से 17 की मौत हुई है। नेशनल हाईवे समेत 500 से ज्यादा सड़कें बंद हैं। दिल्ली में यमुना नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है। निचले इलाकों में भरा बाढ़ का पानी भी घटने लगा है। मध्य प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। राज्य के 30 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुकी है। इसमें भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर जिले शामिल हैं।







