टास्क फ़्रॉड अलर्ट: छोटे-छोटे काम का लालच देकर लाखों की ठगी

टास्क फ़्रॉड अलर्ट: छोटे-छोटे काम का लालच देकर लाखों की ठगी
भोपाल पुलिस ने जारी की सख्त एडवाइजरी
भोपाल, यशभारत। राजधानी में साइबर अपराध का एक नया और संगठित रूप ‘टास्क फ़्रॉड’ तेजी से पैर पसार रहा है, जिसने पुलिस कमिश्नरेट को सख्त एडवाइजरी जारी करने पर मजबूर कर दिया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि यह संगठित गिरोह भोले-भाले नागरिकों को निशाना बना रहा है।
कैसे फंसाते हैं जाल में
भोपाल पुलिस द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार, साइबर अपराधी सोशल मीडिया, ईमेल और मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से लोगों को “छोटे-छोटे ऑनलाइन टास्क” (जैसे लाइक करना, रेटिंग देना, वीडियो देखना) करने का झांसा देते हैं। जालसाज पहले पीड़ित को छोटे टास्क के बदले मामूली भुगतान कर देते हैं, जिससे पीड़ित का भरोसा जीत लिया जाता है। एक बार भरोसा जम जाने पर, पीड़ित पर ‘बेहतर रिटर्न’ के नाम पर बड़ा निवेश करने के लिए दबाव बनाया जाता है। अंत में, सारा पैसा फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिया जाता है, और पीड़ित को लाखों का चूना लग जाता है।
पुलिस की अपील: तुरंत सतर्क रहें
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के लालच में न आएं और साइबर सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
अनजान लिंक/ऐप से बचें: किसी भी अज्ञात लिंक या एप्लीकेशन पर क्लिक करने या उसे डाउनलोड करने से बचें।
सत्यापन है जरूरी: किसी भी व्यक्ति या कंपनी को भुगतान करने से पहले उसकी विश्वसनीयता पूरी तरह से सत्यापित करें।
गोपनीयता बनाए रखें: बैंक खाते, ओटीपी, पासवर्ड, या अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी भी हाल में साझा न करें।
’वर्क फ़्रॉम होम’ का लालच: सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप पर मिलने वाले अविश्वसनीय ‘वर्क फ़्रॉम होम’ के ऑफर्स को स्वीकार न करें।
पुलिस ने कहा है कि आपकी सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। जल्दी अमीर बनने वाले झूठे वादों से बचें।यदि कोई व्यक्ति टास्क फ़्रॉड का शिकार हो जाता है, तो उसे तत्काल अपने बैंक को सूचित करना चाहिए और नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करानी चाहिए।







