नेशनल हाईवे ३० पर पत्थरों का कहर, सालों बाद भी जबलपुर-मंडला रोड के नहीं सुधर रहे हालात

नेशनल हाईवे ३० पर पत्थरों का कहर, सालों बाद भी जबलपुर-मंडला रोड के नहीं सुधर रहे हालात
जबलपुर, यश भारत।जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर यात्रा करना अब जानलेवा साबित हो सकता है। लगभग 100 किलोमीटर के इस मार्ग पर करीब पांच पहाडिय़ों को काटकर हाईवे का निर्माण किया गया है, लेकिन इन पहाड़ों को सुरक्षित करने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। बताया गया कि इन पहाड़ो से बारिश के सीजन में पत्थर गिरने की घटना विगत नौ वर्ष से हो रही है।
इसी के चलते विगत दो-तीन दिनों हुई लगातार बारिश के चलते पहाड़ों से लगातार पत्थर गिर रहे हैं, जिससे बड़े हादसों का खतरा मंडरा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए आदेश और निर्देशों का भी कोई पालन नहीं हो रहा है, जिससे यात्रियों और वाहन चालकों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर रोजाना सैकड़ों की संख्या में भारी वाहन, यात्री बसें, छोटे वाहन, और दोपहिया वाहन गुजरते हैं। यह मार्ग मंडला और जबलपुर को जोडऩे वाला एक प्रमुख लाइफ लाइन है और इस पर वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में पहाड़ों से पत्थरों का गिरना बेहद चिंताजनक स्थिति पैदा कर रहा है। कई बार ये पत्थर सीधे सडक़ पर गिरते हैं, जिससे न केवल वाहनों को नुकसान पहुंचने का खतरा है, बल्कि गंभीर दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं, जिनमें जानमाल का नुकसान भी संभव है। स्थानीय निवासियों और नियमित यात्रियों ने इस समस्या पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि इस मार्ग पर यात्रा करना अब किसी चुनौती से कम नहीं है। हर पल डर लगा रहता है कि कब ऊपर से कोई पत्थर आ गिरे। एक यात्री ने बताया कि हाईवे निर्माण के दौरान पहाड़ी काटने के समय ही सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित किया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। अब जबकि स्थिति गंभीर होती जा रही है, प्रशासन की ओर से केवल कागजी खानापूर्ति की जा रही है। जिला प्रशासन ने इस संबंध में कई बार निर्देश जारी किए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई दिखाई नहीं देती है। इन आदेशों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी है, यह भी स्पष्ट नहीं है। यदि इस समस्या पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया और पहाड़ों को सुरक्षित करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में मंडला-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर हादसों की आशंका बढ़ जाएगी।







