एमपी के जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में हुई बढ़ोतरी, डिप्टी सीएम के निर्देश पर आदेश जारी

एमपी के जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में हुई बढ़ोतरी, डिप्टी सीएम के निर्देश पर आदेश जारी
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों (JUDA) के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार ने उनके मासिक मानदेय (स्टाइपेंड) में वृद्धि के आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। यह निर्णय उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के कड़े निर्देशों के बाद लिया गया है। इस वृद्धि का लाभ प्रदेश के हजारों पीजी (Post Graduate) छात्रों और जूनियर डॉक्टरों को मिलेगा।
हड़ताल के बाद सरकार ने निभाया वादा
गौरतलब है कि पिछले दिनों स्टाइपेंड में वार्षिक वृद्धि की मांग को लेकर प्रदेश भर के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे। डॉक्टरों का कहना था कि नियमानुसार हर साल होने वाली मानदेय वृद्धि रुकी हुई है। हड़ताल के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने पर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जूनियर डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी और उन्हें आश्वस्त किया था कि उनकी मांगें जायज हैं और जल्द ही मानदेय बढ़ाया जाएगा।
अब कितनी बढ़ेगी सैलरी?
जारी नए आदेश के अनुसार, पीजी प्रथम वर्ष के जूनियर डॉक्टरों को मिलने वाले स्टाइपेंड में सम्मानजनक बढ़ोतरी की गई है:
वर्तमान मानदेय: 75,444 रुपये
नया मानदेय: 77,662 रुपये
वृद्धि: 2,218 रुपये प्रति माह
इसी क्रम में पीजी द्वितीय और तृतीय वर्ष के डॉक्टरों के स्टाइपेंड में भी आनुपातिक बढ़ोतरी की गई है।
डॉक्टरों ने जताया आभार
सरकार के इस कदम का जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जूडा) ने स्वागत किया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में यह वृद्धि राहत देने वाली है। उपमुख्यमंत्री द्वारा समय पर हस्तक्षेप और त्वरित निर्णय लेने से डॉक्टरों में संतोष का भाव है।
इनका कहना है…
हमने डॉक्टरों से वादा किया था कि उनकी जायज मांगों को प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं में जूनियर डॉक्टरों का योगदान अमूल्य है, और सरकार उनके हितों का पूरा ध्यान रख रही है।
राजेंद्र शुक्ल, उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री







