
नई दिल्ली, एजेंसी। वैश्विक बाजारों में मची भारी उथल-पुथल के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में शुक्रवार को ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति की लॉबी की सक्रियता और ऐतिहासिक सोने की कीमत में गिरावट ने निवेशकों के बीच बड़ी हलचल पैदा कर दी है। सोने और चांदी की कीमतों में आई इस भारी कमी से शादी-ब्याह वाले मध्यमवर्गीय परिवारों को बहुत बड़ी राहत मिली है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी ब़ी गिरावट के बाद अब नए निवेशकों को बाजार की स्थिरता का इंतजार करना चाहिए। भारतीय बाजार में शुक्रवार को सोने की कीमत में 32,000 रुपये और चांदी में 1,15,000 रुपये की रिकॉर्ड कमी आई है। यह इस सदी की अब तक की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है जिसने वैश्विक और स्थानीय निवेशकों को चौंका दिया है। ऊंचे मूल्यों पर चौतरफा मुनाफावसूली होने के कारण वैश्विक स्तर पर बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिला है। दद
लोअर सर्किट और कीमतों का हाल
बाजार में गिरावट इतनी तेज थी कि कमोडिटी एक्सचेंज रूष्टङ्ग में दोनों धातुओं पर बार-बार लोअर सर्किट लगा। खबर लिखे जाने तक चांदी की फरवरी वायदा कीमत 3.12 लाख रुपये प्रति किलो और सोना 1.50 लाख रुपये रह गया। इससे पहले चांदी 4.27 लाख रुपये और सोना 1.82 लाख रुपये प्रति दस ग्राम की ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गया था। अमेरिका में गुरुवार रात से शुरू हुई बिकवाली का असर शुक्रवार को एशिया और यूरोप के बाजारों पर भी पड़ा। खबर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लॉबी की भारी बिकवाली ने इस अंतरराष्ट्रीय बाजार में भूचाल पैदा कर दिया है। सोने की वायदा कीमत 700 डॉलर गिरकर 4,921 डॉलर प्रति औंस पर आ गई जो पहले 5,625 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर थी।
चांदी की कीमतों में भयंकर कमी
सोने के मुकाबले चांदी में अधिक गिरावट दर्ज की गई है जहां इसकी वैश्विक कीमत 24त्न से 26त्न तक लुढ़क गई। न्यूयॉर्क में चांदी की वायदा कीमत 89 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है जो कल तक 121.75 डॉलर की ऊंचाई पर थी। जनवरी महीने में ही चांदी ने 50त्न की रिकॉर्ड तेजी दिखाई थी लेकिन अब भारी मुनाफावसूली ने इसे नीचे गिरा दिया है।







