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शराब दुकानों में ओवर रेटिंग को लेकर फिर शुरू हो गई हुज्जत

दुकान कर्मी का खुल्लम खुल्ला कहना, सीएम हेल्पलाइन में करो शिकायत -  वीडियो वायरल

जबलपुर यश भारत। शहर में शराब दुकान संचालको की मनमानी लगातार जारी है।जहा खुलेआम शासन के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है।ऐसा ही एक वीडियो गुरुवार की सुबह 6 बजे से सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है जिसमे गढ़ा स्तिथ शराब दुकान में खुलेआम ओवर रेटिंग की जा रही है।जहा शराब शौकीनों को 170 रु का पव्वा 190 रु में शराब शौकीनों को दी जा रही है।वही जब एक शराब शौकीन शराब का पव्वा लेने गंगा सागर शराब दुकान पहुँचा तो उसे 190 रु का पव्वा बताया गया जब उसने एमआरपी 170 रु होने की बात कही तो शराब दुकान संचालक का जवाब सुन शराब शौकीन के होश उड़ गए।शराब दुकान संचालक ने कहा की पूरे शहर में ओवर रेटिंग चल रही है। घोड़ा घास से दोस्तो करेगा तो खायेगा क्या सभी आबकारी के लोगो को पैसे देने पड़ते हैं।इसलिए उनका कुछ नही होगा।जहा जाना है जा सकते हो क्योंकि हमें ओवर रेटिंग करने की खुली छूट मिली है।वही शराब शौकीन ने ओवर रेटिंग किये जाने का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।वही जिस प्रकार से शराब दुकान संचालक खुलेआम आबकारी का हवाला देकर ओवर रेटिंग का शराब शौकीनों की जेबो में डांका डाल रहे है उससे साफ नजर आता है की आबकारी विभाग का संरक्षण शराब दुकान संचालको को मिला हुआ है ।अब देखना होगा की इस तरह के वायरल वीडियो के बाद आबकारी विभाग और प्रशासन ओवर रेटिंग को लेकर किसी प्रकार की कार्रवाई करता भी है या नहीं।

गायब हो गये क्यू आर कोड रेट लिस्ट तो पहले से ही नहीं

कुछ समय पूर्व आबकारी विभाग ने शराब दुकानों में दामों को नियंत्रित करने के लिए क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य किया था और दावा किया था कि इससे ठेकेदार मनमाने रेट पर शराब नहीं बेच पाएंगे। इसको लेकर काफी प्रचार प्रसार भी किया गया था उसे समय तो ऐसा लगने लगा था कि विभाग अब ठेकेदारों की मनमानी पर प्रभावी अंकुश लगाएगा लेकिन ऐसा हो ना सका कुछ दिनों के बाद ही दुकानदारों की दुकानों से कर कोड नदारत नजर आने लगे। वैसे तो आबकारी नियमों में ही हर शराब दुकान में बाकायदा रेट लिस्ट लगाने का नियम है जिसमें एमएसपी और एमआरपी दोनों लिखी हो लेकिन शहर की शायद ही कोई दुकान ऐसी होगी जहां रेट लिस्ट मिल जाएगी। देसी हो या अंग्रेजी सभी में खुल्लम-खुल्ला लूट जारी है और कहीं ना कहीं इस पूरे मामले में विभाग के कर्णधारो की ही सहमति है। वैसे भी वर्तमान में जिले के आबकारी विभाग के मुखिया जब से आए हैं उनकी कार्यप्रणाली सुर्खियों में रही है। कुछ समय पूर्व जिले की एक दुकान में हुए विवाद के बाद साहब और विभाग को लेकर काफी हो हल्ला मचा था और ऊपर से एक जांच टीम भी आई थी लेकिन साहब का हुआ गया कुछ नहीं। जांच टीम ने क्या किया आज तक किसी को जानकारी तक नहीं लगी। ऐसे में स्पष्ट होता है कि साहब कितनी पावरफुल हैं या फिर उनकी ऊपर कितनी पहुंच हैं। ऐसे में उनके हौसले बुलंद होना स्वाभाविक है और यदि साहब की इच्छा है कि महंगी शराब बिके तो बिक रही है।

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