
बोरिवली में मसाज पार्लर की आड़ में चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार
मुंबई, यश भारत मुंबई क्राइम ब्रांच ने बोरिवली इलाके में मसाज पार्लर की आड़ में चल रहे एक सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में स्पा मैनेजर, कैशियर और दो हाउसकीपिंग कर्मचारियों समेत कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आसलम अज़ीज़ शेख, गणेश मुरुडकर, स्वप्निल सावंत और सुधीरकुमार प्रसाद के रूप में हुई है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद चारों आरोपियों को आगे की जांच के लिए बोरिवली पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान मौके से 10 महिलाओं को रेस्क्यू किया है, जिन्हें बाद में बोरिवली स्थित महिला सुधार गृह भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, “मुद्रम” नामक मसाज पार्लर, जो शिम्पोली रोड पर पुरवा प्लाजा को-ऑपरेटिव सोसायटी में अदाणी इलेक्ट्रिसिटी कार्यालय के सामने स्थित है, वहां काम करने वाली महिलाओं को ग्राहकों के साथ अवैध यौन गतिविधियों में शामिल होने के लिए मजबूर किया जा रहा था।
क्राइम ब्रांच को इस संबंध में गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद एक डमी ग्राहक को पार्लर में भेजा गया। डमी ग्राहक ने वहां यौन सेवाओं की मांग की और महिलाओं को दिखाए जाने के बाद एक महिला का चयन किया। तय रकम का भुगतान होते ही अवैध गतिविधि की पुष्टि हुई और पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही आसपास निगरानी कर रही क्राइम ब्रांच की टीम ने मसाज पार्लर पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान मैनेजर गणेश मुरुडकर, कैशियर आसलम शेख और हाउसकीपिंग स्टाफ स्वप्निल सावंत व सुधीरकुमार को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में सेक्स रैकेट चलाए जाने की पुष्टि होने के बाद चारों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने मौके से दो मोबाइल फोन, ₹33,000 नकद और अन्य सामग्री भी जब्त की है। रेस्क्यू की गई महिलाओं को पहले मेडिकल जांच के लिए भेजा गया और इसके बाद महिला सुधार गृह में स्थानांतरित किया गया।
आगे की जांच में सामने आया है कि मसाज पार्लर के मालिक सागर सत्याराम चौहान और सिमरन हैं, जो फिलहाल फरार हैं। दोनों को वांछित घोषित कर दिया गया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
गिरफ्तार चारों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें आगे की जांच के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है।







