सेंट्रल इंडिया में अब बिना निशान वाली थायरॉइड सर्जरी: NSCB मेडिकल कॉलेज, जबलपुर ने रचा इतिहास!

जबलपुर यशभारत। रोगियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी! नेताजी सुभाष चंद्र बोस (NSCB) मेडिकल कॉलेज, जबलपुर के डॉक्टरों की एक टीम ने ट्रांसओरल एंडोस्कोपिक थायरॉइडक्टोमी वाया वेस्टिबुलर एप्रोच (TOETVA) नामक अत्याधुनिक सर्जरी तकनीक को सफलतापूर्वक अपनाकर चिकित्सा क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। इस उपलब्धि पर आधारित उनका शोध अब अमेरिका की प्रतिष्ठित OTO Open जर्नल में प्रकाशित हुआ है, जो अमेरिकन एकेडमी ऑफ ओटोलैरिंजोलॉजी की आधिकारिक पत्रिका है।यह अनूठी उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस सर्जरी को बिना किसी महंगे न्यूरोमॉनिटरिंग उपकरण के सफलतापूर्वक किया गया है, जिससे यह तकनीक कम खर्चीली और अधिक सुलभ बन गई है।
क्या है TOETVA तकनीक?
मेडिकल कॉलेज में ब्रेस्ट कैंसर और एंडोक्राइन सर्जरी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर और यूनिट इंचार्ज डॉ. संजय कुमार यादव ने बताया कि TOETVA एक ऐसी अभिनव सर्जरी है जिसमें गले पर कोई कट या निशान नहीं लगता। यह पूरा ऑपरेशन मुंह के अंदर से किया जाता है, जिससे रोगियों को न केवल त्वरित रिकवरी मिलती है, बल्कि सौंदर्य की दृष्टि से भी कोई निशान नहीं रहता। इस तकनीक का एक और महत्वपूर्ण लाभ यह है कि यह आवाज़ की नस को सुरक्षित रखते हुए थायरॉइड ग्रंथि को हटाने में मदद करती है, जिससे सर्जरी के बाद आवाज संबंधी जटिलताओं का जोखिम कम हो जाता है। NSCB मेडिकल कॉलेज, जबलपुर अब सेंट्रल इंडिया का पहला और एकमात्र सरकारी संस्थान बन गया है जो नियमित रूप से यह अत्याधुनिक थायरॉइड सर्जरी प्रदान कर रहा है। यह उपलब्धि इस क्षेत्र में चिकित्सा देखभाल के मानकों को ऊपर उठाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी और उन रोगियों के लिए आशा की किरण है जो थायरॉइड की समस्या से जूझ रहे हैं और बिना किसी निशान वाली सर्जरी चाहते हैं। यह शोध प्रकाशन NSCB मेडिकल कॉलेज की टीम की कड़ी मेहनत और समर्पण का प्रमाण है और सेंट्रल इंडिया में स्वास्थ्य सेवा के भविष्य के लिए एक उज्ज्वल संकेत है।







