पिछोर में नोएडा जैसी सडक़ें इसे जिला बना दें, पूरे प्रदेश में आदिवासियों की जमीन खरीद फरोख्त पता करे शासन – मुख्यमंत्री के पास विधायकों के पहुंचने पर अध्यक्ष ने कहा मर्यादा का पालन करें

पिछोर में नोएडा जैसी सडक़ें इसे जिला बना दें, पूरे प्रदेश में आदिवासियों की जमीन खरीद फरोख्त पता करे शासन
– मुख्यमंत्री के पास विधायकों के पहुंचने पर अध्यक्ष ने कहा मर्यादा का पालन करें
– कमलनाथ के निकलते ही पहुंचे डॉ मोहन यादव
आशीष शुक्ला, भोपाल। मानसून सत्र के तीसरे दिन विधानसभा की कार्रवाई सदन में बेहतर ढंग से सुचारू हो रही थी। विधायकों के सवालों के जवाब सवाल में नोएडा की सडक़ों से लेकर प्राथमिक उपचार केंद्र की तौर तरीकों तक की चर्चाओं में प्रदेश की चिंता जनप्रतिनिधियों में देखी जा रही थी। आदिवासियों के सवाल हो या वनभूमि, अतिक्रमण और नए जिले बनाने के लिए पिछोर की भी चर्चा हुई। दोनों पार्टी के सदस्य विकास के मुद्दे पर एक दिख रहे थे। सदन में आज मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, विपक्ष के नेता उमंग सिंघार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ की मौजूदगी में जनता को होने वाली परेशानियों पर पक्ष विपक्ष की चर्चाएं यह दिशा दिखा रहीं थी कि प्रदेश में लोगों की परेशानियों को सब मिलकर ही दूर कर पाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 12.45 बजे सदन में पहुंचे। लगभग 25 मिनिट बैठने के बाद वे अपने विधानसभा के कक्ष में चले गए। मुख्यमंत्री के विधानसभा पहुंचने के कुछ मिनिट पहले ही कांग्रेस नेता कमलनाथ सदन से चले गए थे। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कुछ विधायकों को मुख्यमंत्री और मंत्रियों से सदन के अंदर बातचीत करने पर आपत्ति भी दर्ज कराई।
लगभग 11.15 बजे सदन में शिवपुरी जिले के पिछोर को जिला बनाने विधायक प्रीतम लोधी ने कटाक्ष करते हुए सवाल पूछा कि जब चुनाव चल रहे थे, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रचार के दौरान यह घोषणा की थी कि आप हमें विधायक दो हम आपको जिला देंगे। इसे लेकर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने जवाब में कहा कि जिला पुर्नगठन आयोग को यह प्रस्ताव भेज दिया गया है। श्री लोधी ने कहा कि अभी पिछोर जिला मुख्यालय से डेढ़ सौ किमी दूर है इसलिए यहां जिला बनना वाजिब है और शासन के प्रयास से इस क्षेत्र की सडक़ें नोएडा जैसी बन गई है। तब एक विधायक ने कहा कि हमें नोएडा की सडक़ें घुमवा दो। इस पर हंसी का ठहाका भी लगा। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग से संबंधित सागर के विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। जिसमें गोपाल भार्गव ने भी चर्चा में भाग लिया। श्योपुर जिले के कांग्रेस विधायक बाबू जंदेल ने अपने क्षेत्र की समस्या उठाते हुए कहा कि यहां आदिवासियों की जमीन भू माफिया एवं नेताओं को जिला प्रशासन द्वारा नियमों का हवाला देकर कम दामों में बेची जा रही है। इस सवाल का जवाब होते ही विपक्ष के नेता उमंग सिंघार खड़े हुए और उन्होंने कहा कि यह मामला काफी बड़ा है और प्रदेश में यह हो रहा है। शासन से हमारा अनुरोध है कि आदिवासियों की जमीन की पूरे प्रदेश के हर जिले में जिस तरह से खरीद फरोख्त की जा रही है उसके लिए शासन निर्देश दे कि कहां किन किन आदिवासियों की जमीन किस तरह से खरीदी जा रही है। इसके अलावा सदन में आज मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव अपनी आसंदी पर बैठे तब उनके ही पार्टी के विधायक एक-एक करके कुछ ना कुछ बात कर करने के लिए उनके पास आने लगे। एक समय स्थिति ऐसी आई कि दो से तीन विधायक मुख्यमंत्री के पास पहुंच गए। यह देखते ही विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने निर्देश दिए कि सदन की गरिमा का ध्यान रखते हुए इस तरह से मुख्यमंत्री के पास ना आएं। इसके बाद मुख्यमंत्री 12.15 पर सदन से बाहर चले गए। इसके बाद शून्यकाल की सूचनाएं पढ़ी जाने लगीं।






