शृंगेरी पीठाधीश्वर से कश्मीरी पंडितों के हितों पर राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा को आशीर्वाद
कश्मीर से जुड़े धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व का विस्तृत उल्लेख

जबलपुर,यशभारत। दक्षिणाम्नाय शृंगेरी शारदापीठाधीश्वर अनंत श्री-विभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य श्री भारती तीर्थ महास्वामी महाराज जी को राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा द्वारा भेजा गया पत्र साष्टांग प्रणामपूर्वक उनके चरणों में समर्पित किया गया। पत्र में कश्मीर से जुड़े धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व का विस्तृत उल्लेख किया गया है।
पत्र में कहा गया कि भारत का पवित्र भूभाग हिमालय की ऊँची श्रृंखलाओं से सुशोभित कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक फैला है। इस भारत भूमि का मुकुट माने जाने वाले कश्मीर में सनातन धर्म की समृद्ध परंपरा अनादिकाल से चली आ रही है। जगदंबा माँ शारदा के विश्व में केवल दो ही महत्वपूर्ण स्थान—कश्मीर और शृंगेरी—बताए गए हैं। इसी पवित्र कश्मीर में परमपूज्य आदि शंकराचार्य द्वारा शारदा सर्वज्ञ पीठ का अधिरोहण किया गया था।
पत्र में यह भी उल्लेखित किया गया कि कश्मीर में हजारों वर्षों से निवास करने वाले कश्मीरी पंडित समाज के लाखों लोग दुर्भाग्यवश पिछले कुछ दशकों में अनेक दुखद परिस्थितियों का सामना करते हुए कश्मीर से विस्थापित हो गए और देश के विभिन्न राज्यों में फैल गए।
इसी समाज से आने वाले वर्तमान राज्यसभा सांसद द्वारा कश्मीरी पंडित समुदाय के हितों—जैसे विशेष मान्यता, अनुदान, पुनर्वास, नौकरी में आरक्षण, संपत्ति पुनर्स्थापन, रोजगार, मंदिरों के पुनर्निर्माण एवं सुरक्षा—संबंधी मुद्दों को संसद में उठाया गया है। सांसद द्वारा इन विषयों पर एक विधेयक भी प्रस्तुत किया गया है, जिसके माध्यम से समाज के कल्याण हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
इन प्रयासों की जानकारी प्राप्त होने पर जगद्गुरु शंकराचार्य श्री भारती तीर्थ महास्वामी महाराज जी अत्यंत संतुष्ट हुए और उन्होंने आशीर्वाद प्रदान किया कि यह प्रशंसनीय तथा अत्यंत आवश्यक पहल श्री शारदा चंद्रमौलीश्वर की अनुकंपा से पूर्ण रूप से सफल हो। साथ ही उन्होंने कामना की कि कश्मीरी पंडित समुदाय के सभी लोगों को हर प्रकार का श्रेय एवं कल्याण प्राप्त हो।







