बिजली दर बढ़ोतरी पर सवाल, जन संगठनों ने कार्रवाई की मांग की
नागरिक उपभोक्ता मंच ने घंटाघर में प्रदर्शन किया

जबलपुर,यशभारत। मध्य प्रदेश में बिजली दर बढ़ाने की तैयारी को लेकर उपभोक्ताओं और सामाजिक संगठनों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। इसी कड़ी में नागरिक उपभोक्ता मंच ने राज्य विद्युत नियामक आयोग, ऊर्जा मंत्री पी.एस. तोमर और जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर बिजली दर बढ़ोतरी की प्रक्रिया पर तुरंत हस्तक्षेप की मांग की गई है। इसको लेकर उपभोक्ता मंच ने घंटाघर में प्रदर्शन किया। मंच का कहना है कि पावर मैनेजमेंट कंपनी और वितरण कंपनियों ने बिजली दर बढ़ाने के लिए याचिका आयोग में दाखिल की थी, जिसकी सुनवाई 9 दिसंबर को हुई। लेकिन अब तक इस याचिका को सार्वजनिक नहीं किया गया, जिससे उपभोक्ताओं को अंधेरे में रखने का आरोप लगाया गया है।
संगठनों ने यह भी कहा कि 22 सितंबर को GST 2.0 लागू होने के साथ ही कोयले पर से 400 रुपये प्रति टन का कम्पेंसेशन सेस हटाया गया, जिससे उत्पादन लागत कम हो गई। ऐसे में बिजली सस्ती होना चाहिए थी, लेकिन इसके उलट कंपनियों ने दर वृद्धि का प्रस्ताव रख दिया, जो उपभोक्ताओं के साथ धोखा है। जन संगठनों ने मांग की है कि राज्य सरकार विद्युत अधिनियम की धारा 108 के तहत विद्युत नियामक आयोग को स्पष्ट निर्देश दे कि बिजली सस्ती की जाए, न कि दर बढ़ाई जाए।







