सिहोरा में जनाक्रोश चरम पर: टायर जले, पुतला फूंका, आमरण सत्याग्रही का अंतिम संकल्प—तीन लोगों ने की आत्मदाह की घोषणा
Public anger reaches its peak in Sihora: tires burned, effigies burned, and the final vow of a Satyagrahi—three people announced self-immolation.

सिहोरा में जनाक्रोश चरम पर: टायर जले, पुतला फूंका, आमरण सत्याग्रही का अंतिम संकल्प—तीन लोगों ने की आत्मदाह की घोषणा
जबलपुर। सिहोरा को जिला बनाने की मांग ने अब पूरे क्षेत्र में उबाल ला दिया है। खितौला–सिहोरा में दूसरा दिन भी पूर्ण बंद रहा। दुकानें, बाज़ार, यातायात—सब पूरी तरह ठप। सुबह से ही सड़कों पर उतरे आक्रोशित नागरिकों ने टायर जलाए, शासन–प्रशासन का पुतला फूंका और जोरदार नारेबाजी कर माहौल गर्म कर दिया।
धरना स्थल पर आमरण सत्याग्रह पर बैठे प्रमोद साहू ने जब मंच संभाला तो हजारों की भीड़ भावुक हो उठी। उन्होंने मंच से दोहराया— “यह अन्न-जल त्याग अंतिम सांस तक जारी रहेगा… सिहोरा जिला बनकर रहेगा।”
साहू के इस ऐलान ने भीड़ में जोश और आक्रोश दोनों को चरम पर पहुंचा दिया।
सभी पार्षद भी सड़क पर—इस्तीफे तक की चेतावनी
आंदोलन को बड़ा बल तब मिला जब भाजपा पार्षद बेबी विनय पाल, कांग्रेस पार्षद राजेश चौबे, अरशद खान सहित सभी 6 पार्षदों ने जिला आंदोलन के समर्थन में इस्तीफा देने तक की घोषणा कर दी। इससे नागरिकों में आंदोलन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ।
भव्य रैली, पर सरकार मौन—झंडा बाजार में पुतला फूंका
दोपहर तीन बजे सिहोरा–खितौला मुख्य मार्गों से विशाल रैली निकाली गई। “सिहोरा जिला बनाओ”, “अब और इंतजार नहीं” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र थर्रा उठा।
लेकिन सरकार की ओर से अब तक न कोई प्रतिक्रिया, न कोई आश्वासन। इसी नाराजगी में रैली के दौरान झंडा बाजार में पुतला फूंका गया, वहीं खितौला में टायर जलाकर प्रदर्शन और अधिक तेज हो गया।
तीन लोगों ने की आत्मदाह की घोषणा
आंदोलन की तीव्रता और प्रशासन की चुप्पी से आक्रोशित नागरिक अब चरम कदम उठाने की चेतावनी पर उतर आए हैं।
सिहोरा निवासी जाकिर खान ने 12 दिसंबर, पल्लू महाराज ने 16 दिसंबर और वरिष्ठ अधिवक्ता राजकुमार तिवारी ने एक जनवरी को आत्मदाह करने की सार्वजनिक घोषणा कर दी है।
उग्र रूप ले सकता है आंदोलन
सरकारी उदासीनता को लेकर नागरिकों में गहरा असंतोष है। माहौल संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में आंदोलन और अधिक उग्र और व्यापक हो सकता है। जनभावना अब साफ है—






