
खुलेआम बिक रहे ड्रग्स और शराब पर भड़का जनाक्रोश,विधायक संजय उपाध्याय सड़क पर उतरे
पुलिस की निष्क्रियता पर उठे सवाल
मुंबई, यश भारत मुंबई में खुलेआम ड्रग्स और अवैध शराब की बिक्री को लेकर जनता का गुस्सा अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। फुटपाथों पर नशे का कारोबार, सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी और चायनीज ठेलों की आड़ में अवैध शराब बिक्री को लेकर पिछले एक वर्ष से पुलिस और महानगरपालिका से लगातार शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से जनता का धैर्य जवाब देने लगा है। यह आरोप विधायक संजय उपाध्याय ने लगाए हैं।
कुछ दिन पहले ड्रग्स के नशे में धुत एक व्यक्ति द्वारा सड़क पर चल रही युवतियों से छेड़छाड़ की घटना सामने आई। मामले की जानकारी मिलते ही विधायक संजय उपाध्याय स्वयं मौके पर पहुंचे और आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। इसके बाद उन्होंने सड़कों पर उतरकर खुलेआम गांजा बेच रहे एक व्यक्ति को रंगे हाथों पकड़ा और उसे सबक सिखाया।
संजय उपाध्याय ने कहा कि यह किसी से छिपा नहीं है कि शहर में अवैध रूप से गांजा, ड्रग्स और शराब कहां-कहां बेची जा रही है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि पुलिस को यह सब “दिखाई नहीं देता।” उन्होंने सवाल उठाया कि जब आम नागरिक सब कुछ जानता है तो कानून व्यवस्था संभालने वाली एजेंसियां अब तक चुप क्यों रहीं।
विधायक की इस सख्त और प्रत्यक्ष कार्रवाई से स्थानीय जनता में संतोष देखा गया है। लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद किसी जनप्रतिनिधि ने उनकी पीड़ा को गंभीरता से लिया है। मुंबई में ड्रग्स माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए पहचाने जाने वाले पूर्व नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) अधिकारी समीर वानखेड़े ने भी संजय उपाध्याय के इस कदम की खुलकर प्रशंसा की है।
घटनाक्रम के बाद अब मुंबई पुलिस हरकत में आती नजर आ रही है और फेरीवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की गई है। हालांकि, बड़ा सवाल अब भी कायम है—क्या खुलेआम बिक रही ड्रग्स और अवैध शराब पर भी उतनी ही सख्ती से लगाम लगेगी, या यह कार्रवाई केवल दबाव तक सीमित रहेगी?
जनता की नजरें अब पुलिस और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।







