जबलपुर में पटवारियों का विरोध प्रदर्शनः एसपी -कलेक्ट्रेट कार्यालय घेरकर कहा एकतरफा कार्रवाई बर्दाश्त नहीं करेंगे
Protest of Patwaris in Jabalpur: SP surrounded Collectorate office and said will not tolerate unilateral action.

जबलपुर, यशभारत। चरगवां थाने में साथी पटवारी के खिलाफ शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर गिरफ्तार करने के मामले में आज शुक्रवार को जिले भर के पटवारियों ने विरोध जताया। पटवारियों ने पुलिस अधीक्षक और कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव कर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान पटवारियों ने कहा कि एक तरफा कार्रवाई बर्दाश्त नहीं करेंगे फिलहाल समस्त पटवारी 3 दिन का सामूहिक अवकाश लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं इसके बाद भी मांग पूरी नहीं हुई तो कामबंद हड़ताल करेंगे और यह हड़ताल केवल जबलपुर नहीं पूरे मध्यप्रदेश में होगी। पटवारियों के विरोध प्रदर्शन को देखकर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक द्वारा आश्वासन दिया गया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराके उचित निर्णय लिया जाएगा।

पटवारियों ने कहा पटवारी राजेन्द्र कुंजे, प.ह.न.-81,82 कटोरी, दामन खमरिया रा. नि. मं.-चरगवां, तहसील-शहपुरा में पटवारी पद पर पदस्थ हैं। 15 जनवरी को शिकायतकर्ता शान्ति बाई के द्वारा थाना-चरगवां में ग्राम बेनीसिंह पिपरिया में स्थित खसरा नंबर 308-1,308-2,309-1,309-2,310,311-13112 के संबंध में पोखाधड़ी के संबंध में शिकायती आवेदन प्रस्तुत किया गया था। तत्संबंध में थाना प्रभारी चरगवां के द्वारा बिना किसी प्राथमिक जाँच के एवं विभागीय सक्षम अधिकारी की अनुमति बगैर पटवारी राजेन्द्र कुजे के खिलाफ भा.द. सं. 1860 के धारा 420,408,467, 468.477.34 के अंतर्गत एफ आई आर दर्ज कर ली गई एवं उन्हें थाना में ले जाकर गिरफ्तार कर लिया गया।

शिकायतकर्ता शान्ति बाई के नाम से राजस्व अभिलेख में दर्ज पाया गया
पटवारियों ने अपने ज्ञापन में कहा कि जब साथी पटवारियों के द्वारा राजस्व अभिलेख का अवलोकन किया गया वर्तमान में शिकायती खसरा नंबर शिकायतकर्ता शान्ति बाई के नाम से राजस्व अभिलेख में दर्ज पाया गया तथा न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी महोदय शहपुरा के समक्ष शिकायती भूमि खसरा नंबर के संबंध कब्जे के संबंध में मप्र भू राजस्व संहिता की धारा 145 के तहत प्रकरण का निराकरण होकर वर्तमान में प्रकरण सिविल कोर्ट पाटन में विचाराधीन है। जिससे यह स्पष्ट होता है कि एफ आई आर एवं शिकायत में प्रस्तुत तथ्य गलत एवं निगधार है। अभिलेख अवलोकन से स्पष्ट होता है कि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी नहीं है। जिस धारा के तहत गिरफ्तारी के पूर्व पर्याप्त साक्ष्य तथा नियुक्तिकर्ता अधिकारी को सूचना देना आवश्यक होता है। जिसका परिपालन थाना प्रभारी चरगवां के द्वारा नहीं किया गया है। जिससे स्पष्ट होता है कि उक्त प्रकरण के दस्तावेजों में हेरा फेरी कर थाना प्रभारी चरगवां के द्वारा भू माफियाओं के साथ साठ गांठ कर एवं निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए नियुक्तिकर्ता अधिकारी की अनुमति एवं जानकारी बिना साधी पटवारी राजेन्द्र कुंजे के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कर ली गई।







