फरार डायरेक्टर के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी, चेक बाउन्स के मामले पर जिला अदालत का आदेश

जबलपुर – चेक बाउन्स के 8 साल पुराने मामले में जिला अदालत ने एक रियल्टी कंपनी के डायरेक्टर के लगातार गैरहाजिर रहने को गंभीरता से लेते हुए न सिर्फ उसे फरार घोषित किया, बल्कि उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी करने के भी निर्देश दिए हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राखी साहू की अदालत ने बार-बार जारी नोटिस के तामील न होने के मद्देनजर यह आदेश दिया।
आवेदक धर्मेन्द्र शर्मा व अन्य की ओर से दायर इस मामले में कहा गया है कि उन्होंने दो प्लॉट को खरीदने का अनुबंध राइट टाउन में स्थित आईजीआईएस रियल्टी प्रा. लि. कंपनी के डायरेक्टर विपिन तिवारी से वर्ष 2016 में किया था। इसके लिए आवेदकों ने विपिन तिवारी को 6-6 लाख (कुल 12 लाख) रुपए का भुगतान किया था। डायरेक्टर द्वारा लगातार की जा रही टालमटोली से तंग आकर आवेदकों ने प्लॉट खरीदने से मना कर दिया और दी गई राशि वापस मांगी। कंपनी के डायरेक्टर विपिन तिवारी ने आवेदकों को 6-6 लाख रुपए के दो चेक दिए। बेंक में पेश किए जाने पर दोनों ही चेक बाउन्स हो जाने पर यह मामला जिला अदालत में वर्ष 2017 में दाखिल किया गया था।
मामले पर हुई सुनवाई के दौरान आवेदक की ओर से अधिवक्ता अतुल जैसवानी हाजिर हुए। अदालत ने पाया कि कंपनी के डायरेक्टर विपिन तिवारी के खिलाफ लगातार वारंट जारी होने के बाद भी वह हाजिर नहीं हुआ है। इसे गंभीरता से लेते हुए अदालत ने विपिन तिवारी के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी करने के निर्देश दिए।






