पाकिस्तान के PM शहबाज शरीफ ने चीनी राष्ट्रपति के ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर दी चेतावनी
पाकिस्तान में चीनी निवेश को लेकर चेतावनी

पाकिस्तान के PM शहबाज शरीफ ने चीनी राष्ट्रपति के ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर दी चेतावनी
शहबाज शरीफ ने सीपीईसी प्रोजेक्ट में शामिल सरकारी विभागों से कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अतीत के विपरीत, किसी भी परियोजना में देरी नहीं होनी चाहिए। आपको बता दें चीन के करोड़ों डॉलर निवेश के बाद भी सीपीईसी प्रोजेक्ट काफी पीछे है।
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, जो इस महीने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने वाले हैं, उन्होंने अमेरिका दौरे से पहले चीनी प्रोजेक्ट को लेकर चेतावनी दी है। ये काफी हैरान करने वाला वाकया है, क्योंकि पाकिस्तान का प्रधानमंत्री, चीनी प्रोजेक्ट को लेकर धमकी दे रहा है। शहबाज शरीफ ने चेतावनी भरे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा है कि भले ही चीन, पाकिस्तान का महान दोस्त और भाई है, लेकिन चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) वो आखिरी मौका है, जिससे पाकिस्तान, चीनी निवेश और विशेषज्ञता का लाभ उठा सकता है। उन्होंने सीपीईसी प्रोजेक्ट में हो रही देरी को लेकर चेतावनी दी है, जो काफी देर से चल रहा है।
इस्लामाबाद में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए शहबाज शरीफ ने मंत्रालयों और विभागों को चेतावनी दी कि CPEC-2 के तहत चल रहे 8 अरब डॉलर से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि पाकिस्तान-चीन B2B सम्मेलन की सफलता और हुए समझौतों को सिर्फ कागजों पर सीमित नहीं रहने देना है, बल्कि उन्हें जॉइंट वेंचर कॉन्ट्रैक्ट्स में बदलना होगा, ताकि चीनी निवेश हकीकत में तब्दील हो सके।
पाकिस्तान में चीनी निवेश को लेकर चेतावनी
शहबाज शरीफ ने सीपीईसी प्रोजेक्ट में शामिल सरकारी विभागों से कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अतीत के विपरीत, किसी भी परियोजना में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन सीपीईसी 2.0 कार्यक्रम शुरू करने पर सहमत हो गया है, जो कृषि, विशेष आर्थिक क्षेत्रों, खदानों और खनिजों में निवेश और काराकोरम राजमार्ग के अपग्रेडेशन पर केंद्रित होगा। प्रधानमंत्री ने आगाह किया कि चीन पाकिस्तान का “महान मित्र और भाई” बना हुआ है, लेकिन चीनी विशेषज्ञता और निवेश से लाभ उठाने का यह आखिरी मौका है। उन्होंने मंत्रालयों से सफलता सुनिश्चित करने के लिए पूरे ताकत से काम करने का आग्रह किया और इस बात पर जोर दिया कि सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है और परिणामों के लिए उत्तरदायी है।







