
अवसर छोटे-बड़े नहीं होते, उन्हें छोड़ना सबसे बड़ी भूल है- विवेक कृष्ण तन्खा
‘जबलपुर की बात , जबलपुर एक्सप्रेस के साथ’
जबलपुर, यशभारत । अवसर कभी छोटे या बड़े नहीं होते, लेकिन उन्हें छोड़ देना सबसे बड़ी गलती होती है। जब भी मौका मिले, उसे पूरे साहस के साथ अपनाइए। यह प्रेरक संदेश राज्यसभा सांसद विवेक कृष्ण तन्खा ने ‘जबलपुर की बात, जबलपुर एक्सप्रेस के साथ’ कार्यक्रम के प्रथम संस्करण में युवाओं को दिया।
जबलपुर एक्सप्रेस कार्यालय में आयोजित इस संवादात्मक कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्ध युवा शामिल हुए। युवाओं ने जबलपुर में इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग और रोजगार से जुड़ी चुनौतियों पर सवाल पूछे, जिनका श्री तन्खा ने बेहद सहजता और स्पष्टता से उत्तर दिया। श्री तन्खा ने युवाओं से निरंतर लोगों से जुड़ने, संवाद बढ़ाने और नेटवर्क मजबूत करने
की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नए अवसर संवाद से ही जन्म लेते हैं। साथ ही उन्होंने समय की पाबंदी को सफलता की कुंजी बताते हुए कहा कि समय का मूल्य सभी के लिए समान होता है। अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी वकालत का उपयोग गलत उद्देश्यों के लिए नहीं किया। न्यायाधीश बनने के कई अवसर मिले, लेकिन जनसेवा से जुड़ाव बनाए रखने के लिए
उन्होंने उन्हें स्वीकार नहीं किया। श्री तन्खा ने मदर टेरेसा, मार्टिन लूथर किंग और महात्मा गांधी को अपने प्रेरणास्त्रोत बताते हुए कहा कि वे राजनीति से अधिक जबलपुर के विकास के लिए काम करने में विश्वास रखते हैं और अपने व्यक्तिगत संपकों के माध्यम से भी शहर के लिए हरसंभव प्रयास करते रहेंगे। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने युवाओं से एक मजबूत फोरम बनाने और नए
अवसर सृजित करने का आह्वान किया तथा हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। शुरुआत में जबलपुर एक्सप्रेस के संपादक सनत जैन, राजकुमार जैन एवं सौमेश जैन अंशु ने सांसद तन्खा का स्वागत किया। आयोजक सोहिल जैन ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर समाजसेवी महेन्द्र तिवारी, यश भारत समाचार पत्र के संपादक आशीष शुक्ला, श्री राम कॉलेज के प्रबंधक राजुल करसोलिया
जबलपुर एक्सप्रेस के स्थानीय संपादक सुनील साहू सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।







