भोपाल

‘ऑपरेशन क्रिस्टल ब्रेक’ सेल एग्रीमेंट पर मकान लेकर चलाया जा रहा था मेफेड्रोन मैन्युफैक्चरिंग का कारखाना -डीआरआई ने मकान खरीदने वाले व्यक्ति को किया गिरफ्तार

‘ऑपरेशन क्रिस्टल ब्रेक’
सेल एग्रीमेंट पर मकान लेकर चलाया जा रहा था मेफेड्रोन मैन्युफैक्चरिंग का कारखाना
-डीआरआई ने मकान खरीदने वाले व्यक्ति को किया गिरफ्तार
भोपाल यशभारत।

राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने कल भोपाल के देहात इलाके में संचालित जिस मेफेड्रोन मैन्युफैक्चरिंग कारखाने (निर्माणाधीन मकान) पर छापा मारकर 92 करोड़ की 61.20 किलोग्राम मेफेड्रोन (तरल रूप में) बरामद कर जब्त की है, उक्त कारखाना सेल एग्रीमेंट लेकर गुप्त तरीके से संचालित की जा रही थी। डीआरआई ने इस मामले में मकान खरीदने वाले कारखाना संचालक को गिरफ्तार किया है। डीआरआई ने इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन क्रिस्टल ब्रेक’ नाम दिया था। इस ऑपरेशन के तहत डीआरआई ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर छापे मारे और इस गिरोह के सात प्रमुख लोगों को गिरफ्तार किया।
डीआरआई ने ‘ऑपरेशन क्रिस्टल ब्रेक’ के तहत मध्य प्रदेश के भोपाल जिले समेत ार राज्यों में एक साथ छापामार कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई के दौरान डीआरआई की टीम ने ईटखेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम जगदीशपुर (इस्लामनगर) एक निर्माणाधीन मकान पर छापा मारा था। इस दौरान उक्त मकान में अवैध तरीके से दवाओं की मैन्युफैक्चरिंग इकाई संचालित की जा रही थी। तलाशी में 61.20 किलोग्राम मेफेड्रोन (तरल रूप में) बरामद और जब्त किया गया। जिसकी अवैध बाजार में कीमत 92 करोड़ आंकी गई। इसके अतिरिक्त, 541.53 किलोग्राम कच्चा माल, जिसमें मेथिलीन डाइक्लोराइड, एसीटोन, मोनोमेथिलमाइन (एमएमए), हाइड्रोक्लोरिक एसिड (एचसीएल), और 2-ब्रोमो शामिल हैं, के साथ-साथ प्रसंस्करण उपकरणों का एक पूरा सेट भी जब्त किया गया थी। सूत्र बताते हैं कि जिस मकान में मैन्युफैक्चरिंग कारखाना संचालित हो रहा था, वह मकान ग्राम दाउद बासोदा के रहने वाले रज्जाक खान ने जहांगीराबाद निवासी एक महिला से खरीदा था। दोनों के बीच जुलाई माह में खरीदने व बेचने का एक एग्रीमेंट हुआ था। इसी एग्रीमेंट के आधार पर रज्जाक ने बिजली मीटर लगाने के लिए एमपीईबी में 1 अगस्त को आवेदन किया, फिर ऑनलाइन आवेदन किया था। इसके बाद एमपीईबी ने उक्त मकान में 1 अगस्त को बिजली मीटर लगाया था। बताया जा रहा है कि रज्जाक बिजली मीटर लगने के बाद करीब सात-आठ दिन पहले ही उक्त मकान में रहने आया था। आसपास के लोगों को उस मकान में संचालित अवैध दवाओं के कारखाने के बारे में जानकारी नहीं थी। इस अवैध कारखाने में मेफेड्रोन बनाने वाले केमिस्ट समेत दो लोग को अवैध उत्पादन प्रक्रिया में लिप्त पाया गया है। सूत्रों की माने तो अब डीआरआई भोपाल में संक्रिय मेफेड्रोन बनाने और तस्करी से जुड़े लोगों के बारे मेंं भी जानकारी जुटा रही है।

पुलिस को नहीं दी सूचना:-

डीआरआई ने कल भोपाल के देहात इलाके में संचालित मेफेड्रोन मैन्युफैक्चरिंग कारखाने में एक सुनियोजित और समन्वित ऑपरेशन को अंजाम दिया। लेकिन स्थानिय पुलिस को इस बात की भनक तक नहीं लगी। ‘ऑपरेशन क्रिस्टल ब्रेक’ में डीआरआई के साथ अवैध दवाओं की मैन्युफैक्चरिंग कारखाने का भंडाफोड़ करने में सूरत और मुंबई पुलिस ने भी सहयोग किया है।

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