कॉमर्शियल एलपीजी वितरण के लिए नई व्यवस्था लागू, कलेक्टर्स को सख्त निर्देश प्राथमिकता के आधार पर होगा आवंटन, जमाखोरी रोकने और पारदर्शिता पर जोर

कॉमर्शियल एलपीजी वितरण के लिए नई व्यवस्था लागू, कलेक्टर्स को सख्त निर्देश
प्राथमिकता के आधार पर होगा आवंटन, जमाखोरी रोकने और पारदर्शिता पर जोर
भोपाल यश भारत। प्रदेश में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सभी जिला कलेक्टर्स को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। नई व्यवस्था के तहत एलपीजी का वितरण विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकता और प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। जारी निर्देशों के अनुसार शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों को 30 प्रतिशत, आवश्यक सेवाओं जैसे सुरक्षा बल, पुलिस, जेल, सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल विकास संस्थानों, एयरपोर्ट, रेलवे और दीनदयाल रसोई को 35 प्रतिशत आवंटन दिया जाएगा। वहीं होटल और रेस्टॉरेंट , केटरिंग सेक्टर को 9 , 9 प्रतिशत, ढाबा एवं स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को 7 प्रतिशत तथा फार्मास्यूटिकल, फूड प्रोसेसिंग, पोल्ट्री और सीड प्रोसेसिंग उद्योगों को 5 प्रतिशत गैस आवंटित की जाएगी। अन्य उद्योगों को प्रकरणवार आधार पर 5 प्रतिशत आवंटन मिलेगा।
विभिन्न साइज में होगी आपूर्ति
कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति 5 किलोग्राम, 19 किलोग्राम, 47.5 किलोग्राम और 425 किलोग्राम के पैक्ड सिलेंडरों में की जाएगी।
जमाखोरी पर सख्ती मंत्री ने स्पष्ट किया कि जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति पिछले तीन महीनों की औसत दैनिक खपत के आधार पर तय की जाएगी। ऑयल मार्केटिंग कंपनियां OMC ऑनलाइन बुकिंग और रिफिल का रिकॉर्ड रखेंगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। जिला प्रशासन करेगा निगरानी जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे गैस सिलेंडरों के डायवर्जन, अवैध भंडारण, कम तौल और कालाबाजारी पर सख्त निगरानी रखें और नियमित कार्रवाई करें।
पीएनजी और वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा जहां सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम उपलब्ध है, वहां वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही संस्थानों को अस्थायी रूप से वैकल्पिक खाना पकाने के साधनों को अपनाने की भी सलाह दी गई है।
यह नई व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी।







