चांद छूकर लौटा इतिहास: NASA के आर्टेमिस-2 मिशन का धमाकेदार स्प्लैशडाउन
54 साल बाद फिर इंसान पहुंचे चंद्रमा के करीब

वाशिंगटन: अंतरिक्ष अन्वेषण के इतिहास में एक नया सुनहरा अध्याय जुड़ गया है। NASA का बहुप्रतीक्षित Artemis-2 मिशन 10 दिनों की ऐतिहासिक यात्रा के बाद सफलतापूर्वक पृथ्वी पर लौट आया। इस मिशन में अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा के बेहद करीब तक पहुंचकर मानव अंतरिक्ष उड़ान के भविष्य के लिए अहम कदम बढ़ाया।
तय समय पर सफल स्प्लैशडाउन
Orion स्पेसक्राफ्ट ने 11 अप्रैल की सुबह 5:37 बजे San Diego के तट के पास समुद्र में सुरक्षित लैंडिंग (स्प्लैशडाउन) की। लैंडिंग के तुरंत बाद चारों अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित निकालकर USS John P. Murtha जहाज पर ले जाया गया, जहां उनका मेडिकल चेकअप किया गया। यह जहाज खासतौर पर इस मिशन के लिए रिकवरी शिप के रूप में तैनात किया गया था।
ऐतिहासिक क्रू और नई उपलब्धि
इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल थे:
- Reid Wiseman
- Victor Glover
- Christina Koch
- Jeremy Hansen
यह मिशन कई मायनों में खास रहा—पहली बार एक महिला और एक अश्वेत अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के इतने करीब पहुंचे। साथ ही, यह 54 वर्षों बाद इंसानों को चंद्रमा के पास ले जाने वाला पहला क्रूड मिशन बना।
राष्ट्रपति ट्रंप ने दी बधाई
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर NASA टीम और क्रू को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह मिशन गर्व का क्षण है और भविष्य में अमेरिका और बड़े अंतरिक्ष लक्ष्यों—जैसे मंगल ग्रह—की ओर बढ़ेगा।
क्यों खास है Artemis-2?
NASA के अनुसार, अंतरिक्ष यान ने पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश के दौरान अत्यधिक तापमान और दबाव का सामना किया, लेकिन आधुनिक तकनीक और सटीक योजना के कारण सुरक्षित लैंडिंग संभव हो सकी।
इस दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा के आसपास कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोग किए, जिनसे भविष्य में चंद्रमा पर मानव बस्ती बसाने की दिशा में अहम जानकारी मिलेगी।







