
मुंबई–गोवा राष्ट्रीय महामार्ग 15 साल बाद भी अधूरा,लोकसभा में वर्षा गायकवाड का सरकार से तीखा सवाल
दिल्ली,यश भारत । मुंबई–गोवा राष्ट्रीय महामार्ग का निर्माण शुरू हुए 15 वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक इसके पूरा न होने पर कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड ने लोकसभा में केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बड़े-बड़े वादे तो करती है, लेकिन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में विफल रही है, जिससे जनता के पैसे की बर्बादी हो रही है।
वर्षा गायकवाड ने सवाल उठाया कि मुंबई को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ने वाले लगभग सभी राष्ट्रीय महामार्ग प्रोजेक्ट्स में लगातार देरी क्यों हो रही है। उन्होंने विशेष रूप से मुंबई–गोवा राष्ट्रीय महामार्ग, दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे, मुंबई–नागपुर समृद्धि महामार्ग का उल्लेख करते हुए पूछा कि इन परियोजनाओं के लिए सरकार के पास कोई ठोस और समयबद्ध रोडमैप है या नहीं।
उन्होंने कहा कि इन देरीयों का असर मुंबई महानगर क्षेत्र की मालवाहतूक, बंदरगाह कनेक्टिविटी और रोज़ाना यात्रा करने वाले लाखों नागरिकों पर पड़ रहा है।
इस पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सदन में जवाब देते हुए बताया कि मुंबई (पनवेल) से गोवा/महाराष्ट्र सीमा तक राष्ट्रीय महामार्ग क्रमांक 66 की कुल लंबाई लगभग 485 किलोमीटर है। चार लेन के इस मार्ग का काम दिसंबर 2011 में शुरू हुआ था, जिसे 12 पैकेजों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया। अब तक करीब 465 किलोमीटर का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष 20 किलोमीटर का काम जारी है, जिसे जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मंत्री ने देरी के कारणों में भूमि अधिग्रहण की समस्याएं, विभिन्न मंजूरियों में विलंब और कुछ ठेकेदारों की धीमी प्रगति को जिम्मेदार ठहराया।
समृद्धि महामार्ग के बारे में उन्होंने स्पष्ट किया कि यह परियोजना महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा विकसित की गई है और इसे यातायात के लिए खोल दिया गया है।
दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे को लेकर गडकरी ने बताया कि इसकी कुल लंबाई लगभग 1350 किलोमीटर है। भूमि अधिग्रहण, पेड़ों की कटाई की अनुमति, यूटिलिटी शिफ्टिंग और कुछ रियायतधारकों की विफलता के कारण इसमें देरी हुई है। अब तक करीब 875 किलोमीटर का हिस्सा यातायात के लिए खोला जा चुका है। दिल्ली–वडोदरा सेक्शन मई 2026 और वडोदरा–मुंबई सेक्शन जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि गुजरात के शेष प्रोजेक्ट्स 2027–28 तक पूरे किए जाएंगे।
मंत्री ने यह भी कहा कि भारतीय राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण और राज्य सरकारों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें की जा रही हैं, ताकि गुणवत्ता मानकों के साथ सभी परियोजनाओं को शीघ्र पूरा किया जा सके।






