बड़े तालाब पर एक हफ्ते में हटेंगे बड़े अतिक्रमण, हर सप्ताह होगी समीक्षा

बड़े तालाब पर एक हफ्ते में हटेंगे बड़े अतिक्रमण, हर सप्ताह होगी समीक्षा
– सांसद की उच्चस्तरीय बैठक में प्रशासन से मांगा विस्तृत सर्वे और नया मास्टर प्लान
भोपाल, यश भारत। बड़े तालाब को अतिक्रमण और प्रदूषण से मुक्त कराने के लिए सोमवार को कलेक्टोरेट में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने की। इस दौरान कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह, एडीएम अंकुर मेश्राम, नगर निगम अपर आयुक्त तन्मय वशिष्ठ शर्मा, सभी एसडीएम और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में सांसद ने बड़े तालाब का नए सिरे से सर्वे कर व्यापक मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। जब कलेक्टर ने एसडीएम से पूछा कि तालाब के आसपास वर्तमान में कितना अतिक्रमण शेष है, तो अधिकारी स्पष्ट आंकड़े नहीं दे सके। इस पर कलेक्टर ने चारों एसडीएम को एक सप्ताह की मोहलत देते हुए निर्देश दिए कि प्रमुख प्रथम दृष्टया अतिक्रमण एक हफ्ते में हटाए जाएं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि अब हर सप्ताह अतिक्रमण हटाने और प्रदूषण नियंत्रण की समीक्षा बैठक अनिवार्य रूप से होगी।
सांसद ने कहा कि बड़े तालाब का कुल भराव क्षेत्रफल 31 वर्ग किलोमीटर है, लेकिन अतिक्रमण और सूखे की मार के चलते यह सिमटकर लगभग 8-9 वर्ग किलोमीटर रह गया है। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों से पूछा कि तालाब में कितने नालों का गंदा पानी मिल रहा है और कितने स्थानों पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किए गए हैं। उनका कहना था कि यदि तालाब में जाने वाला सीवेज नहीं रोका गया तो संरक्षण के प्रयास अधूरे रहेंगे।
बैठक में भदभदा डेम क्षेत्र का भी मुद्दा उठा। सांसद ने प्रेमपुरा क्षेत्र से 227 झुग्गियां हटाए जाने के बाद शेष 26 झुग्गियों पर कार्रवाई लंबित रहने पर सवाल उठाए। उन्होंने तालाब के आसपास फार्म हाउस और मकानों के निर्माण पर भी चिंता जताई और कहा कि इससे तालाब की सीमाएं लगातार सिमट रही हैं।
सांसद ने कहा कि शहर में किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे, इनायत-हिब्बा या अन्य नामों पर जमीन पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तालाब का स्रोत क्षेत्र सुरक्षित रहे, भूमि उपयोग दोबारा निर्धारित किया जाए और प्रदूषण पूरी तरह रोका जाए इसी दिशा में ठोस कार्रवाई की जरूरत है।






