बोर्ड परीक्षा में बड़ा बदलावः सीबीएसई पैटर्न पर आधारित नया प्रश्नपत्र पैटर्न
लंबे उत्तर लिखने का दबाव कम होगा

जबलपुर,यशभारत। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्नपत्र पैटर्न में बड़ा बदलाव करते हुए इस वर्ष सीबीएसई पैटर्न को पूरी तरह लागू कर दिया है। इसके तहत प्रश्नपत्रों में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का वेटेज बढ़ा दिया गया है, जबकि दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या घटाई गई है। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा सभी विषयों के नमूना प्रश्नपत्र (सैंपल पेपर) वेवसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं, जिससे छात्रों और शिक्षकों को नए पैटर्न को समझने में सहूलियत मिल रही है। मुख्य बोर्ड परीक्षाएं 7 फरवरी से शुरू होंगी। जनवरी में प्री-बोर्ड परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
नए पैटर्न के अनुसार प्रत्येक प्रश्नपत्र में 30 अंकों के वस्तुनिष्ठ प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाएंगे। इनमें बहुविकल्पी, रिक्त स्थानों की पूर्ति, सत्य असत्य, सही जोड़ी मिलान और एक वाक्य में उत्तर जैसे प्रश्न शामिल हैं। माशिमं ने अति लघुउत्तरीय प्रश्नों की संख्या बढ़ाई है, जबकि दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या घटा दी गई है। जहां पहले चार दीर्घ उत्तरीय प्रश्न पूछे जाते थे, वहीं अब लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न तीन तीन ही रहेंगे। इससे छात्रों पर लंबे उत्तर लिखने का दबाव कम होगा और समझ आधारित मूल्यांकन को बढ़ावा मिलेगा।
ऐसी है 10वीं-12वीं की नई अंक योजना
10वीं के प्रश्नपत्र (75 अंक) में 30 अंक वस्तुनिष्ठ, 24 अंक अति लघुउत्तरीय, 9 अंक लघुउत्तरीय और 12 अंक दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों के लिए निर्धारित किए गए हैं। वहीं 12 वीं के नॉन प्रायोगिक विषयों के 80 अंकों के प्रश्नपत्र में 32 अंक वस्तुनिष्ठ, 20 अंक अति लघुउत्तरीय, 12 अंक लघुउत्तरीय और 16 अंक दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों के होंगे। इसके साथ ही बोर्ड ने पिछले वर्ष के मेधावी विद्यार्थियों की उत्तरपुस्तिकाएं भी वेबसाइट पर अपलोड कर दी हैं। स्कूलों में इनका प्रिंट निकालकर विद्यार्थियों को उत्तर लेखन की सही विधि समझाई जा रही है। माशिमं का मानना है कि इस बदलाव से छात्रों की तैयारी अधिक प्रभावी और संतुलित हो सकेगी।







