मझौली में बड़ा हादसा टला: चालक की झपकी लगते ही खाई में घुसी कार 2 घायल, 3 को मामूली चोट … देखें… वीडियो….

जबलपुर, यशभारत। मझौली-पाटन में एक बड़ा हादसा होने से टल गया। पाटन के डूंडी मतदान केंद्र का 5 सदस्यीय दल रात में 1.30 बजे लौट रहा था तभी मझौली के पास चालक की छपकी लग गई और कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। घटना में 2 लोगों को गंभीर चोट आई है जबकि 3 मामूली रूप से घायल हुए हैं। सभी का इलाज जारी है।
पाटन के डूंडी मतदान केंद्र से वोटिंग कराने के बाद कार से शिक्षक दुर्ग सिंह ठाकुर- हाईस्कूल देवरी रजवई मझौली, भृत्य राजेंद्र ठाकुर- बीडी हाईस्कूल सिहोरा, शिक्षक रामकृष्ण कनौजिया- प्राथमिक स्कूल कुसमी मझौली, शिक्षक महेश प्रसाद तिवारी- खंदिया टोला मझौली और मोहन सिंह ठाकुर- रिजवई मझौली लौट रहे थे। तभी कार चला रहे हैं चालक राजेंद्र सिंह की झपकी लग गई और कार अनियंत्रित एक खाई में गिर गई। घटना कार के गिरते ही उसमें सवार मतदान कर्मी घबरा गए और मदद की आवाज लगाते हुए घायल अवस्था में सड़क तक पहुंच गए।
108 एम्बुलेंस ने पहुंचाया अस्पताल
घायलों ने रात में ही 108 एम्बुलेंस को फोन करके सूचना दी। 108 ने मौके पर पहुंचकर सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। घटना में राजेंद्र सिंह और दुर्ग सिंह ठाकुर को गंभीर चोट आई है। शेष अन्य को मामूली चोट है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी हॉस्पिटल पहुँचकर भेंट की
अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी नमः शिवाय अरजरिया ने कलेक्टर डॉ इलैयाराजा टी के निर्देश पर आज सुबह उखरी तिराहा स्थित गैलेक्सी हॉस्पिटल पहुँचकर यहाँ उपचार के लिये भर्ती मतदान कर्मी दुर्ग विजय सिंह और राजेश से भेंट की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली । कल शुक्रवार को पंचायत चुनाव की ड्यूटी करने और पाटन में मतदान सामग्री जमा करने के बाद ये मतदान कर्मी अपने तीन अन्य सहयोगियों के साथ निजी वाहन से मझौली जा रहे थे । इस दौरान देर रात करीब डेढ़ बजे वाहन ग्राम पोला के पास खाई में पलट जाने से ये घायल हो गये थे । दोनों मतदान कर्मियों को उनके साथियों द्वारा जबलपुर गैलेक्सी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया । इनमें से राजेश को आईसीयू में एडमिट कराया गया जबकि दूसरे को मामूली चोट आई थी । दोनों मतदान कर्मियों की हालत खतरे से बाहर है और दोनों स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं । अपर कलेक्टर ने दोनों मतदान कर्मियों से भेंट के दौरान उनके शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना की तथा अस्पताल के चिकित्सकों से चर्चा कर समुचित उपचार के निर्देश दिये ।