महर्षि विद्या मंदिर पर ‘दमनकारी व्यवहार’ के आरोप: 3 छात्रों के निलंबन पर अभिभावकों का बड़ा विरोध

महर्षि विद्या मंदिर पर ‘दमनकारी व्यवहार’ के आरोप: 3 छात्रों के निलंबन पर अभिभावकों का बड़ा विरोध
मान्यता रद्द करने की मांग
भोपाल, यशभारत। राजधानी के महर्षि विद्या मंदिर, रतनपुर, भोपाल में छात्रों के साथ हो रहे अनुचित और दमनकारी व्यवहार के खिलाफ अभिभावकों ने मोर्चा खोल दिया है। विद्यालय प्रबंधन द्वारा वार्षिक महोत्सव में भाग न लेने पर तीन छात्रों— कक्षा 12वीं की खुशी चौहान, 11वीं की तनु चौहान, और 8वीं के श्याम चौहान— को 15 दिनों के लिए निलंबित करने के बाद यह विवाद गहरा गया है।
समाजसेवी चेतन सिंह राजपूत के नेतृत्व में अभिभावकों ने इस मामले में कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए 06 दिसंबर को जिला शिक्षा अधिकारी भोपाल को एक औपचारिक शिकायत आवेदन सौंपा है।
आवेदक चेतन सिंह राजपूत ने अपनी शिकायत में कहा है कि तीन छात्रों का निलंबन पूरी तरह से अवैधानिक है और शिक्षा के अधिकार अधिनियम ( आरटीई एक्ट 2009) के प्रावधानों का उल्लंघन करता है।
अभिभावकों का आरोप है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। पिछले एक वर्ष से विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ छात्रों पर अनावश्यक दबाव डालना, मानसिक एवं शैक्षणिक उत्पीड़न, अनुचित और कठोर दंड, तथा अनुशासन के नाम पर मनमानी करने जैसी कई गंभीर शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। अभिभावकों के साथ भी अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।
अभिभावकों का कहाना है कि यदि विभाग ने इन मनमानी करने वाले विद्यालयों पर सख्त कदम नहीं उठाए, तो ये बच्चों पर अपनी तानाशाही जारी रखेंगे, जिसका उनके भविष्य पर गंभीर असर पड़ेगा। हम बच्चों के उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, अभिभावकों ने शिकायत की प्रतिलिपि केवल डीईओ को नहीं, बल्कि राज्यपाल, मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, कलेक्टर, जॉइंट डायरेक्टर, महिला आयोग, बाल आयोग, और थाना मिसरोद सहित कई उच्चाधिकारियों को भी भेजी है।






