मध्यप्रदेश में सड़क सुरक्षा पर बड़ी सख्ती, दोपहिया पर ड्राइवर-पिलियन दोनों को हेलमेट अनिवार्य

मध्यप्रदेश में सड़क सुरक्षा पर बड़ी सख्ती, दोपहिया पर ड्राइवर-पिलियन दोनों को हेलमेट अनिवार्य
आज से नियम तोड़ा तो कटेगा सीधा चालान; 82% दोपहिया मौतों में नहीं पहना था हेलमेट
भोपाल,यशभारत। मध्यप्रदेश में सड़क हादसों से होने वाली मौतों पर लगाम लगाने के लिए आज से एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला लागू कर दिया गया है। अब दोपहिया वाहन चालक के साथ पीछे बैठने वाले (पिलियन राइडर) के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नियम का उल्लंघन करने वालों पर पुलिस मौके पर ही सीधा चालान काटेगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर पीटीआरआई द्वारा शुरू किए गए इस महाअभियान का सबसे ज्यादा फोकस उन पांच शहरों पर है, जहां सबसे अधिक सड़क हादसे होते हैं: भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन।
मौत के आंकड़े भयावह, इसलिए सख्ती जरूरी
सख्त नियमों की जरूरत हालिया आंकड़ों से साफ होती है। साल 2024 में प्रदेश में 56,669 सड़क हादसे हुए, जिनमें 13,661 लोगों की मौत हुई।

इनमें:53.8% मौतें दोपहिया वाहनों से जुड़ी थीं।
इन मौतों के 82% मामलों में पीड़ित ने हेलमेट नहीं पहना था।
आंकड़े बताते हैं कि औसतन 80% वाहन चालक हेलमेट लगाने से बचते हैं, यही कारण है कि पुलिस को अब सख्ती बरतनी पड़ रही है।
राजधानी में 18 चेकिंग पॉइंट, मोबाइल टीमें भी तैनात
इस नियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है।
भोपाल में: शहर भर में 18 स्पेशल चेकिंग पॉइंट्स बनाए गए हैं।
प्रमुख क्षेत्र: बोर्ड ऑफिस, न्यू मार्केट, एमपी नगर जैसे प्रमुख चौराहों पर पुलिस की मोबाइल टीमें भी लगातार गश्त कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई जान बचाने के लिए की जा रही है, क्योंकि हेलमेट का उपयोग मौत का खतरा 70% तक कम कर देता है।
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4 साल से अधिक उम्र पर लागू, बाइक टैक्सी भी दायरे में
यह नया नियम 4 साल से अधिक उम्र के सभी दोपहिया सवारों पर लागू होगा। साथ ही, ओला और उबर जैसी सभी बाइक टैक्सी सेवाओं को भी इस नियम का सख्ती से पालन करना होगा। बिना हेलमेट मिले ड्राइवर और पिलियन दोनों का चालान काटा जाएगा।







