राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे का प्रधानमंत्री पर तीखा तंज; इतिहास के जरिए घेरा

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे का प्रधानमंत्री पर तीखा तंज; इतिहास के जरिए घेरा
भोपाल, यशभारत। संसद के बजट सत्र के दौरान बुधवार को राज्यसभा में उस वक्त हंसी के ठहाके और तीखी बहस का मिला-जुला माहौल देखने को मिला, जब विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोलते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर सरकार को घेरा और प्रधानमंत्री की वहां की यात्रा में हुई देरी की तुलना 15वीं सदी के खोजकर्ताओं से कर दी।
इतिहास का हवाला, वर्तमान पर हमला
खरगे ने सदन में आंकड़ों और इतिहास का जिक्र करते हुए कहा, वास्को डी गामा को पुर्तगाल से भारत के समुद्री रास्ते की खोज करने में सिर्फ 11 महीने लगे थे। वहीं क्रिस्टोफर कोलंबस ने 2 महीने में नई दुनिया ढूंढ ली थी। लेकिन हमारे प्रधानमंत्री को दिल्ली से मणिपुर पहुंचने में दो साल का समय लग गया। उन्होंने मजाकिया लहजे में तंज कसते हुए पूछा कि क्या आज के आधुनिक युग में दिल्ली से पूर्वोत्तर की दूरी इतनी ज्यादा हो गई है? उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री की प्राथमिकता में मणिपुर और वहां के लोग शामिल नहीं हैं?
मणिपुर हिंसा पर सरकार को घेरा
खरगे ने सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल उठाते हुए कहा कि मणिपुर लंबे समय से हिंसा की आग में झुलस रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री ने वहां जाकर लोगों का दर्द बांटने के बजाय दूरी बनाए रखी। उन्होंने पूछा, “क्या प्रधानमंत्री इसी तरह पूर्वोत्तर के प्रति अपनी चिंता व्यक्त करते हैं?
सदन में रही गहमागहमी
खरगे के इस बयान के दौरान सत्ता पक्ष के सदस्यों ने विरोध दर्ज कराया, वहीं विपक्षी सांसदों ने मेज थपथपाकर उनका समर्थन किया। खरगे ने अपने भाषण में बेरोजगारी, महंगाई और किसानों के मुद्दे पर भी सरकार की नीतियों की आलोचना की।







