जबलपुरमध्य प्रदेश

अपराध की अंडरवर्ल्ड में सक्रिय ‘लेडी सिंडिकेट’, किडनैपिंग, ड्रग तस्करी से लेकर मारपीट और धमकियों तक महिलाओं की बढ़ती दखल से पुलिस सतर्क

जबलपुर। अपराध-जगत में पुरुषों के वर्चस्व की धारणा अब तेजी से टूट रही है। समाज की रीढ़ कही जाने वाली महिलाएँ अब क्राइम वर्ल्ड में नए और खतरनाक किरदार के रूप में उभर रही हैं। पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि बीते एक सप्ताह में विभिन्न थानों में महिलाओं और युवतियों के खिलाफ दर्ज गंभीर आपराधिक प्रकरणों ने कानून-व्यवस्था के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। अपहरण, नशे की तस्करी, धमकाने और गैंगस्टर की तरह व्यवहार करने वाली युवतियों की बढ़ती संख्या ने पुलिस को भी चौंका दिया है।

महिला गैंग्स की उभरती आपराधिक पहचान

शहर में अब महिलाएँ गांजा सप्लायर, अपहरणकर्ता, मारपीट करने वाली गिरोहबाज़ और सोशल मीडिया पर दबदबा दिखाने वाली ‘लेडी डॉन’ के रूप में सामने आ रही हैं। यह प्रवृत्ति जितनी सनसनीखेज है, उतनी ही चिंताजनक भी, क्योंकि शहर में पहले ही हत्या, लूट, चोरी और चाकूबाजी जैसी घटनाएँ बढ़ रही हैं। अब महिलाओं की आपराधिक हिस्सेदारी ने अपराध के ग्राफ को और ऊँचा कर दिया है, जिससे उनकी थानों की हिस्ट्रीशीट और गुंडा सूची में एंट्री तेजी से बढ़ रही है।

हत्या से लेकर साइबर क्राइम और सेक्स रैकेट तक हाथ

महिला अपराधियों की परिधि सीमित नहीं रही।हत्या, साइबर धोखाधड़ी,मानव तस्करी,सेक्स रैकेट संचालन
जैसे अपराधों में उनकी प्रत्यक्ष संलिप्तता दर्ज हो चुकी है। 17 जून को अधारताल में पत्नी ने अपने पति अरविंद की हत्या कर दी थी।इसी तरह घमापुर में पति-पत्नी को मौत के घाट उतारने की वारदात में महिला की भूमिका सामने आई थी। स्पा सेंटरों की आड़ में चल रहे सेक्स रैकेट में भी कई महिलाएँ संचालितकर्ता के रूप में पकड़ी गई थीं।

क्यों बढ़ रहा है महिला अपराध?

विशेषज्ञों के अनुसार, कारण बहुआयामी हैं—पारिवारिक तनाव और घरेलू हिंसा,आर्थिक तंगी और बेरोजगारी,नशे की गिरफ्त,सोशल मीडिया का दुरुपयोग,जल्द अमीर बनने का मोह
बदले की भावना और बचपन के दुरुपयोग का असरइन मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कारणों के चलते कई महिलाएँ गैरकानूनी रास्ते को शक्ति प्रदर्शन का माध्यम बनाने लगी हैं।

‘किलर क्वीन गैंग’ — सोशल मीडिया पर खौफ का ब्रांड

21 नवंबर की घटना ने शहर को हिलाकर रख दिया था। तीन युवतियों ने एक लड़की का अपहरण कर उसकी बेरहमी से पिटाई की और वीडियो को वायरल कर दहशत का माहौल बनाया।इंस्टाग्राम पर बनी “Killer Queen Gang” नामक आईडी के बायो में लिखा था—”डॉन बोलते डार्लिंग शहर में”
गैंग खुलेआम चाकू लहराते और धमकियों वाले वीडियो साझा करती थी।

पिछले सात दिनों के प्रमुख मामले

केस-1 (21 नवंबर)
तीन युवतियों ने जेल गेट क्षेत्र से एक लड़की का अपहरण कर ग्वारीघाट में पिटाई की और वीडियो वायरल किया।

केस-2 (20 नवंबर)
गोरखपुर पुलिस ने सिद्धबाबा रोड से एक युवती को युवक के साथ गिरफ्तार किया। 7.450 किलो गांजा बरामद, कीमत ₹1.50 लाख।

केस-3 (26 नवंबर)
विजयनगर में दो युवतियों ने नर्सिंग छात्रा को रोककर मारपीट, मोबाइल तोड़ा और शराब के लिए पैसे माँगे।

केस-4 (27 नवंबर)
जीआरपी ने एक युवती व दो बालिकाओं से 6.09 किलो गांजा जब्त किया, कीमत

अपराध की दुनिया में महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी केवल कानूनी चुनौती नहीं, बल्कि सामाजिक विचलन का संकेत है। यह प्रवृत्ति बताती है कि अपराध अब लैंगिक सीमाओं के पार पहुँच चुका है और आने वाले समय में लेडी क्राइम सिंडिकेट पुलिस और समाज दोनों के लिए बड़ी चुनौती बनने जा रहा है।

04 39

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button