
जबलपुर में अवैध कॉलोनी ‘रघुकुल वैली’ का बड़ा खेल उजागर: EOW की कार्रवाई
, कॉलोनाइजर अकुल पाण्डेय पर 98 लाख की राजस्व चोरी का मामला दर्ज
जबलपुर। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर ने शासन को लाखों रुपये की राजस्व क्षति पहुँचाने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध कॉलोनी विकसित करने वाले कॉलोनाइजर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम भड़पुरा में बिना किसी वैधानिक अनुमति के ‘रघुकुल वैली’ नाम से अवैध कॉलोनी विकसित करने और शासन को लगभग 98 लाख रुपये की आर्थिक हानि पहुँचाने के मामले में आरोपी अकुल पाण्डेय के विरुद्ध धारा 420 भा.द.वि. के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
आरोपी अकुल पाण्डेय, पिता अम्बरिष कुमार पाण्डेय, निवासी 11 एसबीआई कॉलोनी, आनंदकुंज, गढ़ा जबलपुर है, जो ‘रघुकुल वैली कॉलोनी’ का बिल्डर बताया गया है।
कृषि भूमि पर काट दिए प्लॉट
जांच में सामने आया कि आरोपी द्वारा ग्राम भड़पुरा के खसरा नंबर 103, 104, 105/1 और 105/2 की भूमि पर ‘रघुकुल वैली’ नाम से कॉलोनी विकसित की जा रही थी। नगर तथा ग्राम निवेश (TNCP) जबलपुर के अनुसार यह भूमि भेड़ाघाट विकास योजना-2021 में कृषि भूमि के रूप में दर्ज है, जहाँ आवासीय कॉलोनी निर्माण की अनुमति नहीं है।
इसके बावजूद आरोपी ने बिना विकास अनुज्ञा (Development Permission) और बिना स्वीकृत ले-आउट के कॉलोनी का निर्माण कर दिया।
शासन को 98 लाख रुपये की क्षति
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कॉलोनी विकास से जुड़े अनिवार्य शुल्कों का भुगतान नहीं किया, जिससे शासन को लगभग 98 लाख रुपये की राजस्व क्षति हुई। इसमें—
अनुज्ञा शुल्क: लगभग ₹11 लाख
आश्रय शुल्क (Shelter Fee): लगभग ₹78 लाख
पर्यवेक्षण एवं कर्मकार शुल्क: लगभग ₹9 लाख
2018 से चल रहा था अवैध कारोबार
EOW जांच में पता चला कि आरोपी वर्ष 2018 से 2023 के बीच बिना डायवर्सन, बिना स्वीकृत ले-आउट और बिना आवश्यक पंजीकरण के कृषि भूमि को छोटे-छोटे भूखंडों में विभाजित कर अवैध रूप से बेच रहा था।
इससे न केवल शासन के राजस्व को भारी नुकसान हुआ, बल्कि प्लॉट खरीदने वाले आम नागरिकों के साथ भी धोखाधड़ी की गई।
फिलहाल EOW जबलपुर ने आरोपी के खिलाफ धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।







