
जबलपुर के अधारताल स्थित पशु चिकित्सा केंद्र में आज तड़के भीषण आग लग गई, जिससे लाखों रुपए की दवाइयां जलकर राख हो गईं। घटना के समय अस्पताल के सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने घरों में सो रहे थे, जिसके कारण आग ने विकराल रूप ले लिया।
जानकारी के अनुसार, पशु चिकित्सा केंद्र में आग लगने की सूचना सबसे पहले सुरक्षा गार्ड ने दी। गार्ड ने तत्काल डिप्टी डायरेक्टर डॉ. प्रफुल्ल मून को सूचित किया और साथ ही फायर ब्रिगेड को भी मौके पर बुलाया। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया।
हालांकि, जब तक फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची, आग काफी फैल चुकी थी और केंद्र में रखी अधिकांश दवाइयां जलकर खाक हो चुकी थीं। फायर ब्रिगेड की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
पशु चिकित्सा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. प्रफुल्ल मून ने बताया कि आग सुबह करीब 3 बजे लगी। उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। चौकीदार की सूचना पर जब वे मौके पर पहुंचे, तब तक आग से सारी दवाइयां जल चुकी थीं।
डॉ. मून ने बताया कि घटना की पूरी जानकारी विभाग और कलेक्टर को दे दी गई है। आग से कितनी मात्रा में दवाइयां नष्ट हुई हैं, इसका आकलन किया जा रहा है। इस घटना से पशु चिकित्सा सेवाओं पर भी असर पड़ने की आशंका है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।







