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अरब में अमेरिका की टेक कंपनियों को ईरान की धमकी, कर्मचारियों को दफ्तर छोड़ने का अल्टीमेटम

IRGC ने उन कंपनियों की एक लिस्ट भी सार्वजनिक है

अरब में अमेरिका की टेक कंपनियों को ईरान की धमकी, कर्मचारियों को दफ्तर छोड़ने का अल्टीमेटम

अरब में अमेरिका की टेक कंपनियों को ईरान की धमकी, कर्मचारियों को दफ्तर छोड़ने का अल्टीमेटम

ईरानी सेना (IRGC) ने अरब में अमेरिका की 18 टेक कंपनियों को धमकी दी है. ईरान ने कहा है कि ये कंपनियां ईरान-अमेरिका युद्ध में शामिल हैं. IRGC ने कहा कि इन कंपनियों के कर्मचारी दफ्तर से दूर रहें. कल रात 8 बजे से हमला करेंगे. बता दें कि ईरान ने जिन अमेरिकी कंपनियों को धमकी दी है, उनमें माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एप्पल, इंटेल, IBM, टेस्ला और बोइंग जैसी कंपनियां शामिल है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने एक बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए अमेरिका से जुड़ी प्रमुख वैश्विक कंपनियों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है।

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बड़ी धमकी दी है। IRGC ने कहा है कि वह किसी भी हत्या का जवाब अमेरिका से जुड़ी बड़ी कंपनियों को निशाना बनाकर देगा। इस बयान के बाद वैश्विक स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों और कॉर्पोरेट जगत में हड़कंप मच गया है।

IRGC की ओर से जारी  बयान में इन कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को तुरंत वर्कप्लेस छोड़ने की सलाह दी गई है। इन कंपनियों के दफ्तर के एक किलोमीटर के दायरे में रहनेवाले स्थानीय लोगों से भी IRGC ने अपील की है कि वे अपनी जान बचाने के लिए किसी सुरक्षित जगह पर चले जाएं।

IRGC ने उन कंपनियों की एक लिस्ट भी सार्वजनिक है। इस सूची में Cisco, HP, Intel, Oracle, Microsoft, Apple, Google, Meta, IBM, Dell, Nvidia, JPMorgan Chase, Tesla, General Electric, Boeing और अन्य कंपनियां शामिल हैं। बयान में बताया गया है कि यह नियम 1 अप्रैल को तेहरान के समय अनुसार रात 8:00 बजे से लागू होगा।

IRGC का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब एक निर्णायक और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि वह या तो अमेरिका के साथ समझौता करे या फिर “भीषण सैन्य कार्रवाई” का सामना करने के लिए तैयार रहे।

रक्षा सचिव हेगसेथ ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप न तो झांसा देते हैं और न ही पीछे हटते हैं। ईरान के नए शासन को यह पहचानना चाहिए कि Regime Change पहले ही हो चुका है। ट्रंप समझौता करने को तैयार हैं और शर्तें उन्हें पता हैं। अगर ईरान तैयार नहीं है, तो अमेरिकी रक्षा विभाग और भी अधिक तीव्रता के साथ हमले जारी रखेगा।

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