
भारत का नया भूकंप क्षेत्रीकरण मानचित्र जारी, देश चार जोखिम स्तरों में विभाजित
मुंबई ,यश भारत भारत के भूकंप क्षेत्रीकरण मानचित्र को अद्यतन किया गया है, जिसमें देश को भूकंप के खतरे के आधार पर चार क्षेत्रों में बांटा गया है: क्षेत्र 2, क्षेत्र 3, क्षेत्र 4, और क्षेत्र 5। यह मानचित्र भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा तैयार किया गया है, जो भवनों और संरचनाओं के भूकंप प्रतिरोधी डिज़ाइन के लिए मानक प्रदान करता है
नए मानचित्र के मुख्य आकर्षण:
– भूकंप क्षेत्र 5: सबसे अधिक खतरे वाला क्षेत्र, जिसमें उत्तर-पूर्वी राज्य, हिमालय क्षेत्र, और कश्मीर शामिल हैं।
– भूकंप क्षेत्र 4: उच्च खतरे वाला क्षेत्र, जिसमें उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्र और पश्चिमी तट शामिल हैं।
– भूकंप क्षेत्र 3: मध्यम खतरे वाला क्षेत्र, जिसमें मध्य और दक्षिणी भारत के अधिकांश भाग शामिल हैं।
– भूकंप क्षेत्र 2: कम खतरे वाला क्षेत्र, जिसमें दक्षिणी भारत के कुछ भाग शामिल हैं
यह अद्यतन मानचित्र भूकंप प्रतिरोधी निर्माण और आपदा प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है, जो जान-माल की हानि को कम करने में मदद करेगा।






