भारतीय कंपनी को मिलेगा मेट्रो ट्रेन के गेट लगाने और टिकट का जिम्मा – तुर्की की कंपनी के निरस्त हुए तीन टेंडर

भारतीय कंपनी को मिलेगा मेट्रो ट्रेन के गेट लगाने और टिकट का जिम्मा
– तुर्की की कंपनी के निरस्त हुए तीन टेंडर
भोपाल यशभारत। ऑपरेशन सिंदूर में तुर्की द्वारा पाकिस्तान को ड्रोन सप्लाई करने का मामला सामने आने के बाद मप्र में मेट्रो रेल प्रबंधन ने तुर्की की कंपनी का टेंडर निरस्त करना शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं इंदौर में भी तुर्की की कंपनी काम नहीं कर सकेगी। ऑपरेशन सिंदूर में तुर्की की भारत के खिलाफ भूमिका उजागर होने के बाद बवाल मचा था। सबसे ज्यादा विरोध मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को लेकर हुआ था। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा था। तुर्की की एसिस गार्ड कंपनी के जिम्मे ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन का काम दिया गया, लेकिन अब कंपनी यह काम नहीं करेगी। मेट्रो रेल प्रबंधन अब दूसरी कंपनी की तलाश कर रही है। जिस कंपनी के काम सौंपा जाएगा वहीं सिस्टम इंस्टॉल करेगी। भारतीय कंपनी को भोपाल और इंदौर में मेट्रो का काम पूरा करने की जिम्मेदारी देने की तैयारी की जा रही है।
भारतीय कंपनी को मिलेगा मौका
सूत्रों के मुताबिक मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए जिम्मा भारतीय कंपनी को देने पर विचार किया जा रहा है। कुछ नामी बहु राष्ट्रीय कंपनियां इस दौड़ में हैं जिन्हें जल्द ही जिम्मा मिल सकता है। बताया जा रहा है कि टेंडर निरस्त होने के बाद कंपनी की ओर से विरोध भी जताया गया है, हालांकि इसे लेकर कंपनी की ओर से कोई प्रतिक्रिया ही नहीं दी है।
13 दिनों तक की गई आपातकालीन ब्रेक की जांच
मेट्रो रेल को अक्टूबर माह तक चलाने की कार्ययोजना को गति दे दी गई है। दूसरे चरण का काम तेजी से किया जा रहा है। दिन में तीन बार से मेट्रो ट्रेन का परीक्षण किया जा चुका है। 90 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेन को चलाकर परीक्षण किया गया। 13 दिन तक मेट्रो ट्रेन के आपातकालीन ब्रेक का परीक्षण किया गया जिसमें प्रबंधन को सफलता मिल गई है।
भोपाल में लगने 199 गेट लगाए जाने का था जिम्मा
प्राप्त जानकारी के अनुसार तुर्की की एसिस कंपनी के पास भोपाल मेट्रो में करीब 199 गेट लगने का जिम्मा था। जबकि इंदौर में 227 गेट लगाए जाने थे। कुछ मेट्रो स्टेशन पर गेट लगाए जा चुके थे। भोपाल में कंपनी की ओर से 45 गेट मंगवाए गए थे, लेकिन मेट्रो कर्पोरेशन ने इसे इंस्टॉल करने की अनुमति नहीं दी। अब ऑटोमेटिक फेयर कलेक्टशन का अनुबंध समाप्त कर दिया गया है।
186 करोड़ में दिया गया था टेंडर
मेट्रो रेल कार्पोरेशन के अधिकारियों ने बताया कि तुकी की कंपनी को 186 करोड़ रुपए का टेंडर दिया गया था। इसमें कंपनी को गेट लगाने के साथ ही टिकट भी जारी कर स्कैन करने की जिम्मेदारी भी दी गई थी, लेकिन टेंडर निरस्त होने के बाद इस काम में देरी होने की संभावना बनी हुई है। एसिसए गार्ड कंपनी को पूरा सिस्टम इंस्टॉल करने के बाद तय समय सीमा में मेंटनेंस भी करना था।
प्रक्रिया की जा रही है
मेट्रो ट्रेन के शुरू करने के लिए पूरी टीम लगन से जुटी हुई है, हमारी प्राथमिकता है कि तय समय में काम को पूरा कर मेट्रो को प्रारंभ कर दिया जाए।
– हिमांशु गौरव, जनंसपर्क अधिकारी, मेट्रो रेल प्रबंधन







