नर्स के भरोसे अस्पताल, तड़पते रहे सुपरवाइजर; इलाज में देरी ने ली नगर निगम कर्मचारी की जान

नर्स के भरोसे अस्पताल, तड़पते रहे सुपरवाइजर; इलाज में देरी ने ली नगर निगम कर्मचारी की जान
परिजनों का आरोप- बार-बार बुलाने पर भी नहीं आए डॉक्टर; अस्पताल ने भी दर्ज कराई तोड़फोड़ की एफआईआर
भोपाल,यशभारत। राजधानी के पॉश इलाके चार इमली स्थित अक्षय हॉस्पिटल में एक मरीज की मौत के बाद भारी हंगामा हो गया। नगर निगम के जोन-12 में सुपरवाइजर के पद पर तैनात विशाल योगी (निवासी बरखेड़ी) की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पूरी तरह ड्यूटी डॉक्टरों और स्टाफ नर्स के भरोसे चल रहा था और ऐन वक्त पर कोई भी विशेषज्ञ (सीनियर डॉक्टर) मौजूद नहीं था।
डॉक्टर के इंतजार में उखड़ती रहीं सांसें
मृतक के रिश्तेदार शैलेंद्र योगी ने बताया कि विशाल को सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। देर रात जब उनकी स्थिति बिगड़ी, तो परिजनों ने डॉक्टर को बुलाने के लिए गुहार लगाई, लेकिन वार्ड में केवल एक नर्स पहुंची। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में नर्स युवक को सीपीआर देकर बचाने की कोशिश करती दिख रही है, लेकिन विशेषज्ञ इलाज न मिलने के कारण विशाल ने दम तोड़ दिया।
मौत की खबर मिलते ही गुस्साए परिजनों और समाज के लोगों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। सूचना मिलते ही हबीबगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
अस्पताल ने लगाया तोड़फोड़ का आरोप
मामले में दूसरा मोड़ तब आया जब अस्पताल प्रबंधन ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अस्पताल का दावा है कि हंगामे के दौरान परिजनों ने संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और स्टाफ के साथ बदसलूकी की। हबीबगंज पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पीएम करा कर परिवार को सौप दिया। अब पुलिस अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि तोड़फोड़ करने वालों की पहचान की जा सके।







